दमोह

रक्षाबंधन पर दमोह में बेटा को देख पिता और फिर मां ने भी दी जान

दमोह-कटनी रेल लाइन पर रक्षाबंधन 2026 शुक्रवार को एक बेटा और उसके माता-पिता ने ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी कर ली। दमोह में पूरे परिवार के खुदकुशी का यह मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कारणों का पता लगाना शुरू कर दिया है।
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Aug 28, 2026
Rail Hadsa damoh 3 death
Rail Hadsa damoh 3 death

दमोह. रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के दिन दमोह जिले के हिंडोरिया थाना अंतर्गत करैया गांव में दमोह-कटनी रेल लाइन पर पहले बेटे ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद बेटे को मृत देख पिता और बाद में मां ने भी ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। रक्षाबंधन पर्व के दिन हुए इस घटनाक्रम की वजह सामने नहीं आ सकी है, लेकिन पुलिस इसे पारिवारिक कलह मान रही है।

अलग- अलग स्थानों पर हुई घटनाएं


दमोह में हुई रेल के सामने कूदकर इस आत्महत्या के मामले में सबसे पहले शुक्रवार सुबह करैया फाटक के पास 30 वर्षीय मुकेश अहिरवार का शव बरामद किया गया, जिसकी ट्रेन की चपेट में आने से मौत होना बताई गई। बेटे की मौत की खबर सुनते ही गहरा आघात झेल रहे उसके पिता भरत अहिरवार 65 और मां उमा अहिरवार 60 भी धरमपुरा रेलवे फाटक पहुंचे और ट्रेन के आगे कूद गए। हादसे में इन दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस तरह दमोह में बेटा, मां और पिता की ट्रेन से कटकर मौत हो गई, जो कि सुसाइड बताई गई हैं।


10 मिनट पहले पड़ोसी से मांगी थी मदद


दमोह निवासी मृतक मुकेश के पड़ोसी मनोज अहिरवार ने बताया कि घटना से महज 10 मिनट पहले मुकेश उनके घर आया था। उसने घर में परेशानी होने की बात कहकर साथ चलने को कहा था। उस समय घर में पूजा चलने के कारण मनोज ने थोड़ी देर बाद आने को कहा, लेकिन इसके तुरंत बाद मुकेश की मौत की खबर आ गई। इधर, घटना की खबर जैसे ही मुकेश के माता-पिता तक पहुंची और उन्होंने बेटे का शव देखा, तो यह दंपती बाइक से सीधे धरमपुरा रेलवे फाटक पर पहुंचा और सामने से आ रही तेज रफ्तार ट्रेन के आगे कूद गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

गर्भवती है पत्नी, छोटा भाई गया था सागर


दमोह में रक्षाबंधन पर्व पर सामने आए इस दर्दनाक घटनाक्रम में एक और मार्मिक पहलू सामने आया है। मृतक मुकेश का विवाह लगभग दो वर्ष पूर्व हुआ था और उसकी पत्नी गर्भवती है। वहीं छोटा भाई दौलत रक्षाबंधन पर अपनी बहन को लेने सागर गया हुआ था। घटना के वक्त घर पर कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था। मृतक भरत अहिरवार पिछले सात वर्षों से जिला अस्पताल दमोह में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर कार्यरत थे। उनकी मृत्यु की खबर से अस्पताल स्टाफ में भी शोक व्याप्त हो गया।

जांच में जुटी पुलिस


सूचना मिलते ही आरपीएफ और कोतवाली दमोह पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तीनों शवों को कब्जे में लिया और जिला अस्पताल के शव गृह भिजवाया। कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार के अनुसार मामला प्रथम दृष्टया आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। स्थानीय स्तर पर पारिवारिक विवाद की चर्चा है, हालांकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। सीएसपी एचआर पांडे ने जल्द ही मामले के कारणों को स्पष्ट करने की बात कही है।

Updated on:
28 Aug 2026 07:24 pm
Published on:
28 Aug 2026 07:24 pm