दौसा

दौसा में भाई ने मायरे में दिए 71 लाख नकद व गहने

राजस्थान के दौसा जिले की ग्राम पंचायत कालोता की कुम्हारों की ढाणी में एक अनोखा भात भरा गया। इस दौरान 71 लाख 1 सौ एक रुपए नकद और करीब 10 लाख रुपए के सोने-चांदी के गहने भेंट किए गए। जो कि क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीण जगदीश प्रजापत ने बताया कि […]

2 min read
Apr 21, 2026
मायरे में नकद रा​शि ले जाते भाई।

राजस्थान के दौसा जिले की ग्राम पंचायत कालोता की कुम्हारों की ढाणी में एक अनोखा भात भरा गया। इस दौरान 71 लाख 1 सौ एक रुपए नकद और करीब 10 लाख रुपए के सोने-चांदी के गहने भेंट किए गए। जो कि क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीण जगदीश प्रजापत ने बताया कि रामसिंह प्रजापत की बेटी निशा प्रजापत की शादी में यह मायरा भरा गया है।दुल्हन निशा के मामा जयसिंह प्रजापत, दानपुर तहसील रैणी जिला अलवर निवासी हैं, उन्होंने यह गहने व राशि भेंट की। इससे पहले जयसिंह प्रजापत ने लग्न टीके में एक मोटरसाइकिल, 2 लाख 51 हजार नकदी, चांदी का नारियल और सोने-चांदी की अंगूठी भी दी थी। उनके पिता रामसिंह प्रजापत की वर्ष 2013 में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी मां अनोखी देवी ने बेटी और उनके दो छोटे भाइयों का पालन पोषण किया।ग्रामीणों ने दावा किया कि आस-पास के गांवों में प्रजापत समाज का अब तक का सबसे बड़ा मायरा है। दुल्हन के पिता के निधन के बाद मां अनोखी देवी ने उनका पालन-पोषण किया।

राजस्थान के चर्चित मायरे

1. नागौर: 4 भाइयों का 1.5 करोड़ का मायरा (अप्रैल 2026 )

नागौर जिले के श्यामसर/जायल इलाके में चार किसान भाइयों ने अपनी इकलौती बहन के बच्चों की शादी में 1.51 करोड़ रुपये से अधिक का मायरा भरा।

नकद राशि: 21 लाख 51 हजार रुपए

अन्य उपहार: खेती की जमीन व गहने दिए।

2नागौर: 6 भाइयों का 8 करोड़ का ऐतिहासिक मायरा (मार्च 2023)

नागौर के ढिगसरा गांव में 6 भाइयों ने अपनी छोटी बहन की पोतियों की शादी में 8 करोड़ रुपये का मायरा भरा, जो काफी ऐतिहासिक माना गया।

नकद राशि: 2.21 करोड़ रुपये नकद।

अन्य उपहार: जमीन व गहने

3. सीकर: एनआरआई (NRI) मामा का 1 करोड़ का मायरा (मार्च 2026)

सीकर जिले में एक दुबई निवासी मामा ने अपनी बहन के घर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का मायरा भरा।

नकद राशि: 51 लाख रुपये नकद।

अन्य उपहार: करीब 21 लाख रुपये की ज्वेलरी और अन्य सामान।

4. मेड़तासिटी: नागौर जिले के ही मेड़ता सिटी में एक मायरा लगभग 1.31 करोड़ कैश और 12 करोड़ की जमीन शामिल थी।

इन मायरो के चर्चा में रहने के कारण:

ये मायरे केवल पैसे के लिए नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम, सम्मान और बहन को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने (जमीन देकर) के उद्देश्य से चर्चा में रहे हैं। ये घटनाएं राजस्थान में पारंपरिक मायरा रस्म को एक नई ऊंचाई पर ले गई हैं।

Published on:
21 Apr 2026 11:08 am
Also Read
View All