दौसा

दौसा में जिन श्वानों ने लेपर्ड को भगाया, अब उनका ​शिकार

दौसा. राजस्थान के दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी क्षेत्र के नाहरखोहरा गांव में 30 जनवरी 2026 की रात जिस जगह श्वानों के झुंड ने अपने साथी को लेपर्ड के जबड़े से छुड़ाकर उसे खदेड़ दिया था। उसी स्थान पर अब लेपर्ड ने दो श्वानों का शिकार कर मानो ‘बदला’ ले लिया। घटना का सीसीटीवी वीडियो […]

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Feb 24, 2026
श्वानों के पीछे दौड़ता लेपर्ड।

दौसा. राजस्थान के दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी क्षेत्र के नाहरखोहरा गांव में 30 जनवरी 2026 की रात जिस जगह श्वानों के झुंड ने अपने साथी को लेपर्ड के जबड़े से छुड़ाकर उसे खदेड़ दिया था। उसी स्थान पर अब लेपर्ड ने दो श्वानों का शिकार कर मानो ‘बदला’ ले लिया। घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसमें लेपर्ड शिकार को ले जाता दिख रहा है।ग्रामीणों के अनुसार सोमवार रात 8 से 10 बजे के बीच लेपर्ड ने वारदात को अंजाम दिया।ग्रामीणों का दावा है कि लेपर्ड व श्वान वे ही हैं जिनके बीच 30 जनवरी को आमना-सामना हुआ था। आबादी क्षेत्र में लगातार बढ़ते मूवमेंट से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। बच्चों और पालतू पशुओं की सुरक्षा को लेकर लोग चिंतित हैं तथा वन विभाग से पैंथर को पकड़ने की मांग कर रहे हैं। 30 जनवरी को भी लेपर्ड व श्वान सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। उसी जगह अब घटना हुई है।

आए दिन हो रही घटना

दौसा जिले में लेपर्ड व अन्य वन्य जीव आबादी क्षेत्र में आ रहे हैं। इससे दहशत का माहौल है। विभाग के पास पूरे संसाधन भी नहीं है।

इनका कहना है

बालाजी वन चौकी के फॉरेस्टर डूंगर सिंह ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में लेपर्ड का मूवमेंट है और भोजन-पानी की तलाश में वह बस्ती की ओर आ जाता है। पगमार्क की जांच के लिए वन टीम भेजी जा रही है।

Published on:
24 Feb 2026 08:34 pm
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