New Proposal : चारधाम की सहायक सड़कें अब ऑल वेदर रोड की तर्ज पर विकसित होंगी। इससे यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
New Proposal : चारधाम यात्रा सुगम और सरल होगी। बता दें कि उत्तराखंड में साल 2016 से चारधाम और टनकपुर-पिथौरागढ़ सड़क को ऑलवेदर रोड बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। दरअसल, पूर्व में चारधाम यात्रा की मुख्य सड़क पर बार-बार भू-स्खलन की घटनाएं होते रहती थी। साथ ही ये सड़कें संकरी होने के कारण भी यात्रियों को परेशानियां उठानी पड़ती थी। इसी को देखते हुए चारधाम यात्रा मार्ग को 10 मीटर चौड़े टू-लेन सड़क में तब्दील किया गया है। इधर, टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे को भी ऑल वेदर रोड की तर्ज पर विकसित किया गया है। अब राज्य सरकार चारधाम की सहायक सड़कों को भी ऑल वेदर रोड की तर्ज पर विकसित करने की योजना बना रही है। अभी केवल चारधाम राजमार्ग विकास परियोजना के तहत बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की प्रमुख सड़कों को डबल लेन किया गया है। लोनिवि मंत्री सतपाल महाराज के मुताबिक चारधाम की सहायक सड़कों को ऑल वेदर रोड परियोजना में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है। कुछ सड़कों के चौड़ीकरण और सुधारीकरण का काम राज्य सरकार भी करा रही है।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के लिए कई सहायक सड़कें दशकों से उपयोग में लाई जा रही हैं। 2013 की आपदा के दौरान भी इन सड़कों ने कई फंसे हुए लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे में लोक निर्माण विभाग का प्रयास है कि इन सहायक सड़कों को ऑल वेदर रोड परियोजना में शामिल कराया जाए। लोनिवि मंत्री सतपाल महाराज ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को इस संदर्भ में पत्र भेजा है। इन सड़कों के डबल लेन होने से चारधाम यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को और भी सुगम बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अब सरकार उत्तरकाशी-लंबगांव-चमियाला- घनसाली-मयाली-गुप्तकाशी, कमांद-डोबराचांठी-कोटीकालोनी- पौखाल-मलेथा, कुंड-चोपता-गोपेश्वर-चमोली और कोटद्वार-सतपुली-पौड़ी-श्रीनगर सड़क को ऑलवेदर रोड में तब्दील करने की योजना बना रही है। केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलते ही आगे की कार्यवाही शुरू हो जाएगी। इन सड़कों के ऑल वेदर रोड में तब्दील होने से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिलेगी।