देहरादून

नकली दवा फैक्ट्री पकड़ी : आयुष मंत्रालय की टीम की छापेमारी से हड़कंप, एक करोड़ की नगदी भी बरामद

Fake Drug Factory Busted : केंद्रीय आयुष मंत्रालय और राज्य आयुर्वेदिक विभाग की संयुक्त छापेमारी में नकली दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। मौके पर नकली दवाओं का भारी जखीरा और एक करोड़ रुपये की नगदी भी बरामद हुई। इस फैक्ट्री से पूरे देश में पिछले पांच साल से नकली दवाओं की सप्लाई हो रहीं थी।
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Feb 21, 2026
Fake medicine factory and fake clinic busted in Dehradun
प्रतीकात्मक फोटो

Fake Drug Factory Busted : केंद्रीय आयुष मंत्रालय की टीम की छापेमारी के दौरान देहरादून में फर्जी आयुर्वेदिक क्लीनिक और अवैध दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने से हड़कंप मचा हुआ है। एक शिकायत पर शुक्रवार को देहरादून सहस्रधारा रोड स्थित ‘त्रिफला हर्बल सेंटर’ के संचालक के आवास पर औषधि निरीक्षकों की टीम ने आयुर्वेद विभाग के ड्रग कंट्रोलर केएस नपल्च्याल के नेतृत्व में छापा मारा। छापेमारी में पाया गया कि क्लीनिक संचालक खुद को पंजीकृत चिकित्सक के रूप में प्रचारित कर रहा था। उसके पास आयुष पद्धति (आयुर्वेद, यूनानी या होम्योपैथी) में कोई भी डिग्री नहीं थी। वह एक्यूप्रेशर के पैड का उपयोग कर मधुमेह और ब्लड प्रेशर जैसे गंभीर रोगों के लिए चिकित्सा परामर्श दे रहा था। इस दौरान टीम ने मौके से नकली दवा फैक्ट्री भी पकड़ी। फैक्ट्री से करोड़ों की नकली दवाएं जब्त की गई हैं। फैक्ट्री संचालक देश भर में पांच साल से भी अधिक समय से अवैध रूप से मिलावटी दवाएं सप्लाई कर रहा था। जांच टीम ने कई दवाओं के सैंपल भी भरे। आशंका जताई जा रही है कि इनमें अन्य पैथी की दवाओं की मिलावट हो सकती है। राज्य आयुर्वेद विभाग की टीम ने सभी संदिग्ध दवाओं और दस्तावेजों को सीज किया।

न लाइसेंस न डिग्री

देहरादून में नकली दवा फैक्ट्री और फर्जी क्लीनिक का खुलासा होने से हड़कंप मचा हुआ है। अब संचालक पर बिना लाइसेंस और योग्यता के क्लीनिक चलाने, दवाओं का निर्माण करने के आरोप में केस दर्ज होगा। अफसरों के मुताबिक दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जांच टीम ने पाया कि संचालक बिना किसी वैध सेल लाइसेंस के विभिन्न कंपनियों की होम्योपैथिक दवाएं भी बेच रहा था। ये कार्रवाई राज्य औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी, आयुर्वेद एवं यूनानी सेवा विभाग और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की आयुष वर्टिकल टीम ने संयुक्त रूप से की

एक करोड़ रुपये बरामद

नकली दवा फैक्ट्री की जांच के दौरान टीम को मौके से एक करोड़ से भी अधिक की नकदी मिली। मौके पर नोट गिनने वाली मशीन भी बरामद हुई। इसकी सूचना तत्काल आयकर विभाग को दी गई। आयकर विभाग भी मामले की जांच कर रहा है। छापेमारी के दौरान पाया गया कि घर की पहली मंजिल पर बिना किसी वैध लाइसेंस के आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथिक दवाओं का निर्माण और रीपैकिंग की जा रही थी। मौके से भारी मात्रा में खुली दवाएं, रीपैक की गईं दवाएं, लेबल, रजिस्टर, बिल बुक और दवाओं के निर्माण में प्रयुक्त होने वाली मशीनें बरामद की गईं।

होम्योपैथी की भी फर्जी दवाएं

सहस्रधारा सेंटर में न आयुर्वेद की दवाएं नकली, अवैध मिलीं, बल्कि बड़ी मात्रा में होम्योपैथी की दवाएं भी अवैध मिली। अब इन दवाओं के सैंपलों की जांच में मालूम चलेगा कि दवाओं में क्या क्या मिलावट की गई। इन नकली दवाओं की जानकारी अब दूसरे राज्यों में भी देकर इनकी बिक्री रोकने को जानकारी दी जाएगी। ताकि नकली दवाओं के इस सिंडिकेट पर पूरे देश में नकेल कसी जा सके।

Updated on:
21 Feb 2026 07:27 am
Published on:
21 Feb 2026 07:27 am