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‘मेरे 3 साल के कार्यकाल की जांच करा लो, आयोग बनाओ और पाई-पाई का हिसाब लो’, ED की रेड के बाद भड़के पूर्व CM हरीश रावत

Harish Rawat: चंदन सिंह जीना के घर ED की छापेमारी के बाद पूर्व CM हरीश रावत ने जांच एजेंसियों को खुली चुनौती दी। उन्होंने अपने तीन साल के कार्यकाल की जांच के लिए आयोग गठित करने की मांग की और कहा कि जहां जरूरत हो, वहां छापेमारी भी की जाए। जानें क्या हैं पूरा मामला...
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देहरादून

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Pratiksha Gupta

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Updated: 15 Sep 2026, 8:00 AM IST

ED Action Uttarakhand, Harish Rawat News

चंदन जीना के घर ED रेड के बाद भड़के पूर्व सीएम हरीश रावत (फोटो सोर्स- ANI)

Harish Rawat: ED की कार्रवाई के बाद उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जांच एजेंसियों को खुली चुनौती दी है। रावत ने कहा कि उनके तीन साल के पूरे कार्यकाल की जांच कराई जाए और इसके लिए एक आयोग भी गठित किया जाए। पूर्व सहयोगी चंदन सिंह जीना के घर हुई ED की तलाशी पर रावत ने कहा कि अगर उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों या किसी कथित ‘छिपे खजाने’ की तलाश है तो एजेंसियां बेझिझक जांच और छापेमारी करें।

जांच एजेंसियों को दिया खुला चैलेंज

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखते हुए पूर्व सीएम हरीश रावत ने लिखा कि वे ED, CBI समेत देश की तमाम बड़ी जांच एजेंसियों का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के तौर पर तीन साल काम किया है। एजेंसियां जाएं और मेरे पूरे कार्यकाल की फाइलों को दोबारा खंगालें। अतीत में भी मेरे फैसलों की जांच की गई है, अगर एजेंसियों को लगता है कि मेरा पास कोई छिपा हुआ खजाना है, तो वे जहां चाहें छापेमारी कर सकती हैं।

'10 साल बाद भी कुछ लोगों के पेट में हो रहा दर्द'

हरीश रावत ने अपने कार्यकाल के दौरान हुए विवादित स्टिंग ऑपरेशन, राष्ट्रपति शासन की परिस्थितियों और अपने राजनीतिक विरोधियों पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता से बाहर हुए उन्हें 10 साल हो गए हैं, लेकिन आज भी कई लोगों की ऐंठन कम नहीं हुई है। कभी स्टिंग, कभी स्टिकर तो कभी सर्वर के जरिए उन पर हमले किए जाते हैं।

पूर्व OSD के बचाव में आए रावत, पैसों का दिया ब्योरा

अपने पूर्व सहयोगी चंदन सिंह जीना का बचाव करते हुए रावत ने बताया कि चंदन 1991 से उनके साथ बेहद निष्ठा और ईमानदारी से काम कर रहे हैं। ED द्वारा नकदी बरामदगी के दावों पर सफाई देते हुए पूर्व सीएम ने बताया कि हाल ही में जब वे दिल्ली में इलाज करा रहे थे, तब उन्होंने घरेलू खर्चों, स्टाफ की सैलरी और किराए के भुगतान के लिए समर्थकों व दोस्तों से आर्थिक मदद मांगी थी। मेदांता अस्पताल से लौटने के बाद उनके पास करीब 12 लाख रुपये की राशि जमा हुई थी, जिसे खातों में दर्ज करने की प्रक्रिया जारी थी। उन्होंने दावा किया कि अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने कभी किसी काम या पद के बदले सर्विस चार्ज नहीं लिया।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला साल 2016 के उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है। ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत देहरादून में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच एजेंसी के अनुसार, हरीश रावत के पूर्व OSD चंदन सिंह जीना के आवास से 32 लाख रुपये कैश, सोना और कीमती घड़ियां बरामद की गई हैं।

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