देहरादून

खा कसम ये बच्चा किसका है…बहू को उसके प्रेमी संग मंदिर लेकर पहुंची सास, हाई वोल्टेज ड्रामे से लोग दंग

Controversy:एक सास अपनी बहू और उसके कथित प्रेमी को पवित्रता साबित करने के लिए जागेश्वर धाम लेकर पहुंच गई। बहू से पैदा हुए बच्चे के पिता को लेकर दोनों में विवाद चला। मंदिर प्रांगण में करीब आधे घंटे तक सास, बहू के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। हालांकि पुजारियों के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्ष वापस लौट गए थे।
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Nov 20, 2025
A mother-in-law took her daughter-in-law and her lover to a temple, leading to high-voltage drama between the two sides
एक सास अपनी बहू और उसके कथित प्रेमी को लेकर मंदिर पहुंची। फोटो सोर्स एआई

Controversy:बहू के एक युवक से प्रेम प्रसंग को लेकर उपजा विवाद देव दरबार तक पहुंच गया। दरअसल, दूरस्थ गांव की एक महिला का विवाह करीब तीन-चार साल पहले हुआ था। बताया जा रहा है कि शादी के बाद से ही सास, पति और बहू के बीच आए दिन तनातनी होने लगी थी। करीब एक साल पहले विवाहिता ने एक बच्चे को जन्म दिया था। उसके बाद से उनके घर में कलेश और बढ़ गया था। बताया जा रहा है कि घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पत्नी ने पति पर मुकदमा दर्ज करा दिया था। इस मामले में पति कुछ समय जेल भी रहा। सास का आरोप है कि उसकी बहू का किसी अन्य युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा है। सास ने दावा किया है कि उसने कई बार अपनी बहू को उसके प्रेमी के साथ संदिग्ध हालत में भी पकड़ा है। उसका कहना था कि बच्चे का पिता उसका बेटा नहीं, बल्कि बहू का प्रेमी है। इसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद और गहरा गया था। मंगलवार शाम सास अपनी बहू और उसके कथित प्रेमी सहित कुछ अन्य लोगों को लेकर जागेश्वर धाम स्थित महामृत्युंज मंदिर में पहुंच गई थी। सास अपनी बहू को पवित्रता साबित करने के लिए महामृत्युजय मंदिर का जल पीने को कहने लगी। इसे लेकर दोनों पक्षों में हंगामा शुरू हो गया था। हंगामा देख तमाम पुजारी भी मौके पर पहुंच गए थे। पुजारियों ने उन्हें बमुश्किल शांत कराकर वापस भेजा।

बेगुनाही का बड़ा साक्ष्य

जागेश्वर धाम स्थिति महामृत्युंजय मंदिर में लोगों की अटूट आस्था है। अक्सर लोग यहां न्याय की गुहार लगाने आते हैं। मान्यता है कि आरोपी को अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए यहां जल पीना पड़ता है। इसी मान्यता के तहत मंगलवार को जागेश्वर धाम में एक जिले के एक दूरस्थ गांव का परिवार पहुंचा था। कहा जाता है कि जल की बूंद पीने से यहां पर पीड़ित को इंसाफ और दोषी को दंड मिलता है। कई लोग इस मंदिर के समक्ष जोर से आवाज लगाकर भगवान को अपनी पीड़ा और दुख भी बताते हैं। कई लोग संतान प्राप्ति और अन्य मनोकामनाओं की सिद्धी के लिए इस मंदिर में रात भर हाथों में दीया रखकर तपस्या भी करते हैं।

धाम में चर्चाओं का विषय बना रहा मामला 

सास-बहू के बीच चल रहे विवाद का हल मंदिर में नहीं निकल पाया। दरअसल, उनके हंगाम के कारण तमाम लोग मौके पर पहुंच गए थे। पुजारियों के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्ष शांत हो गए थे और वह घरों को लौट गए थे। सास का दावा था कि उसने कथित प्रेमी को कई बार बहू के साथ देखा है। वहीं, बहु का कहना था कि सास के आरोप झूठे हैं। पति पर दहेज उत्पीड़न के आरोपों के कारण सास उनके चरित्र पर सवाल उठा रही है। बताया जा रहा है कि मंदिर पहुंचने के बाद बहु और कथित प्रेमी ने महामृत्युंजय मंदिर में जल पीने से इनकार कर दिया। सास ने आरोप लगाने शुरू किए तो बहु ने जल पीने के बजाए डीएनए कराने की मांग कर दी। लेकिन सास जल पीने की बात पर ही अड़ी रही। वहीं, साथ आया कथित प्रेमी दोनों की जुबानी तकरार को चुपचाप सुनता रहा।

Updated on:
20 Nov 2025 05:56 pm
Published on:
20 Nov 2025 07:24 am