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हाथ नहीं फिर भी IAS बनने का जज्बा, इस लड़की के इरादे कर देंगे हैरान

दोनों हाथ नहीं हैं लेकिन भविष्य के सपनों की इबारत लिखना शांता को आता है। आठवीं कक्षा में 85 फीसदी अंक लाकर टॉपर में शामिल शांता इन दिनों दसवीं की परीक्षा दे रही है। उसने ठान लिया है कि IAS बनना है, लेकिन फेल होकर नहीं...पढ़ाई और जागती आंखों से देखने वाले सपनों को सच करने के जज्बे से...आप भी पढ़ें हाथों से दिव्यांग शांता की ये मोटिवेशनल स्टोरी...

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Feb 14, 2024

कुछ करने का जज्बा हो तो सारी परेशानियां छोटी लगने लगती हैं। ऐसा ही कुछ शासकीय विद्यालय में देखने मिला। जहां एक बालिका दोनों हाथ नहीं होने के बाद भी हौसले के साथ 10वीं की परीक्षा दे रही है। पढऩे लिखने में होशियार बालिका कलेक्टर बनना चाहती है। हम बात कर रहे हैं पीपरी से ७ किमी दूर आदर्श नगर निवासी बालिका शांता पिता कमलसिंह सोलंकी की। जो प्रतिदिन पुंजापुरा के शासकीय हाईस्कूल पहुंच रही हैं।

कम्प्यूटर-मोबाइल चलाने में भी माहिर शांता

कम्प्यूटर-मोबाइल चलाने में भी माहिर शांता के जन्म से ही दोनों हाथ नहीं है। 8वीं में 85 फीसदी अंक प्राप्त करने के बाद अब 10वीं की परीक्षा दे रही हैं। परीक्षा में वह कोहनी की मदद से पेन पकड़कर परीक्षा देती है। उसकी हिन्दी-इंग्लिश की लिखावट भी काफी सुंदर है। पेन चलाना, कॉपी के पेज पलटना व आसानी से करती हैं। साथ ही मोबाइल चलाने व कम्प्यूटर की बोर्ड चलाने का काम भी आसानी से कर लेती है।

Updated on:
14 Feb 2024 08:44 am
Published on:
14 Feb 2024 08:42 am
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