- ३० जून को देवास एसपी का कर दिया था रतलाम तबादला, उनकी जगह पर छिंदवाड़ा से आ रहे थे एसपी तिवारी
देवास. गृह विभाग भोपाल के द्वारा गत ३० जून को प्रदेश के पुलिस अधीक्षकों के तबादले की सूची जारी की गई थी। इस सूची में देवास के एसपी अंशुमानसिंह को देवास से रतलाम भेज दिया था और छिंदवाड़ा से एसपी गौरवकुमार तिवारी का देवास तबादला कर दिया था। दोनों के तबादले के आठ दिन बाद रविवार को गृह विभाग से उप सचिव अजीजा सरशार जफर ने फिर से संसोधित आदेश जारी किया है, जिसमें देवास एसपी यहीं पर पदस्थ रहेंगे। छिंदवाड़ा से आने वाले एसपी तिवारी को देवास की बजाय रतलाम जाना होगा।
गौरतलब है कि देवास एसपीसिंह शहर में एक ईमानदार और कार्य के प्रति गंभीर वाली छबी के नाम से जाने जाते हैं। एसपी ने जबसे देवास में पदस्थ हुए हैं, तभी से पुलिस विभाग में कार्यलयीन प्रक्रिया में तेजी आई है। साथ ही शहर में बड़ रहे अपराधों पर काफी हद तक अंकुश भी लगाया है, किंतु बदमाश फिर भी अपराध करने से बाज नहीं आ रहे हैं। एसपी के समय ही गत वर्ष किसान आंदोलन हुआ था, जिसमें नेवरीफाटा पर वाहन किसानों की भीड़ ने जला दिए थे। उसके एक वर्ष बाद फिर से जून माह में किसान आंदोलन की चेतावानी के बाद एसपी ने गंभीरता से कार्य करते हुए कानून व्यवस्था तगड़ी कर दी थी। सभी तरफ पुलिस के सूचना तंत्र फेला दिए थे, जिससे की कहीं पर भी आंदोलन की तैयारी बने तो उस पर लगाम लगाई जा सके। इसका परिणाम रहा कि एक से दस जून तक देवास जिले में कहीं भी किसान आंदोलन उग्र नहीं हुआ। इधर छिंदवाड़ा से ट्रांसर्फर होकर आ रहे एसपी तिवारी उस क्षेत्र में एक सिंघम के नाम से जाने जाते हैं। युवा एसपी ने उस क्षेत्र में जबरदस्त कार्य करते हुए बदमाशों के छक्के छुड़ा रखे थे। उनकी कार्यप्रणाली इतनी जबरदस्त है कि गुंडे-बदमाशों ने शहर छोड़ दिए थे।