-विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट का फैसला, पीडि़ताओं के माता-पिता की बचपन में हो चुकी है मौत
देवास. माता-पिता की मौत के बाद औद्योगिक थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़े मामा के यहां रहने वाली दो बहनों के साथ छोटे मामा द्वारा डरा-धमकाकर दुष्कर्म करने के करीब पौने तीन साल पुराने मामले में विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट ने आरोपी को दोषी पाते हुए मरते दम तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह प्रकरण गंभीर एवं जघन्य सनसनीखेज प्रकरण की श्रेणी में चिन्हित था।
राजेन्द्र सिंह भदौरिया, प्रभारी उप संचालक अभियोजन ने बताया पीडि़ता के माता पिता बचपन में ही शान्त हो गये थे। ऐसे में बड़े मामा ने पीडि़ता व उसकी बड़ी बहन को पाला पोसा। इसी दौरान इंदौर में रहने वाला छोटा मामा देवास आकर बड़े मामा के यहां रहने लगा। यहां उसने पीडि़ता के साथ डरा-धमकाकर कई बार दुष्कर्म किया। डर के कारण पीडि़ता किसी को बता नहीं सकी, बाद में बड़ी बहन से बताया तो उसने भी उसके साथ दुष्कर्म होने की बात कही। आरोपी ने पीडि़ताओं को इंदौर ले जाकर भी दुष्कर्म किया। बाद में बड़ी बहन ने देवास में पास में रहने वाली एक महिला को इसके बारे में बताया। इसके बाद अन्य महिला की मदद से दोनों को वन स्टॉप सेंटर में पहुंचाया गया। यहां उन्होंने पूरी बात बताई। इसके बाद आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, धमकाने, पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान एक पीडि़ता का गर्भवती होना पाया गया। जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया गया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने आरोपी को शेष प्राकृत जीवनकाल तक आजीवन कारावास व 3700 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया।