धमतरी

CG Election 2025: चुनाव में देवर-भाभी के बीच कांटे की टक्कर, भाभी पूर्व पार्षद, तो देवर का यह पहला चुनाव

CG Election 2025: राजनीति कुछ भी करा देती है। इस बार के नगरीय निकाय चुनाव में कुछ ऐसे ही केस सामने आ रहे। कहीं भाई-भाई, चाचा-भतीजा तो कहीं भाभी-देवर चुनाव मैदान में आमने-सामने हो गए हैं।
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Feb 06, 2025
CG Election 2025: चुनाव में देवर-भाभी के बीच कांटे की टक्कर, भाभी पूर्व पार्षद, तो देवर का यह पहला चुनाव

CG Election 2025: राजनीति कुछ भी करा देती है। इस बार के नगरीय निकाय चुनाव में कुछ ऐसे ही केस सामने आ रहे। कहीं भाई-भाई, चाचा-भतीजा तो कहीं भाभी-देवर चुनाव मैदान में आमने-सामने हो गए हैं। लड़ाई भले ही पार्टी की है, लेकिन मतदाता ये भी कहने से नहीं चूक रहे कि राजनैतिक पार्टी अपने हित के लिए परिवार के रिश्तेदारों को ही आमने-सामने कर दी है। नगर निगम धमतरी के पार्षद चुनाव में इस बार देवर-भाभी भी आमने-सामने हो गए हैं। यहां दो ही प्रत्याशी हैं।

गोकुलपुर वार्ड में कांग्रेस की ओर से पूर्व पार्षद सविता कंवर और भाजपा की ओर से गजेन्द्र कंवर प्रत्याशी बने हैं। एक ही परिवार के प्रत्याशी होने से यहां के मतदाता भी पशोपेश में है। वहीं वार्डवासी रोचक मुकाबले के आसार बता रहे। वहीं अनेक स्वजाति व मतदाता असमंजस में पड़ गए हैं। फिलहाल दोनों प्रत्याशी अपने-अपने जीत के दावे कर रहे।

पहले से पता होता तो टिकट नहीं मांगती: सविता

गोकुलपुर वार्ड की कांग्रेस प्रत्याशी सविता कंवर ने कहा कि उनके पूर्व कार्यकाल में अनेक काम पूरे हो गए हैं, जो बच गए उसे इस कार्यकाल में पूरा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार एक ही परिवार के हम देवर-भाभी आमने-सामने हो गए हैं। यदि पहले से पता रहता कि देवर को टिकट मिल गई है तो मैं कांग्रेस से टिकट नहीं मांगती। अपनी मर्जी से मैंने टिकट नहीं मांगी। पार्टी ने मेरी ईमानदारी देखकर टिकट दी है। जीत-हार को लेकर कहा कि मैं जीतू तो उन्हें और वो जीते तो मुझे तकलीफ तो होगी। फिर भी जीत की उम्मीद है।

बोलूंगा कि एक बार मुझे मौका दें: गजेन्द्र कंवर

इसी वार्ड से भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी गजेन्द्र कंवर ने कहा कि वे विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे। पिछले वर्षों में वार्ड में काम ही नहीं हुआ। प्रचार के दौरान सफाई, रोड आदि की मांग आ रही। मैं 10 साल से भाजपा से जुड़ा हूं। मेरे प्रतिद्वंदी मेरी भाभी ही है। दोनों एक ही परिवार से हैं। उनके ससुर और मेरे पिता सगे भाई हैं। मैं उन्हें भाभी कहता हूं। वोट मांगने उनके घर भी गया, लेकिन मुलाकात नहीं हुई। मुलाकात होने पर जरूर कहूंगा कि एक बार आपको मौका मिला। इस बार मुझे मौका दो। हमारा जनसंपर्क जारी है।

Updated on:
06 Feb 2025 12:35 pm
Published on:
06 Feb 2025 12:35 pm