
धमतरी. छत्तीसगढ़ शासन से मिले आश्वासन के बाद संविदा कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है। बुधवार को वे मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन समेत अन्य विभागों में काम करते हुए नजर आए। उधर बर्खास्त हुए कर्मचारियों के संबंध में कोई आदेश नहीं आया है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है।
बता दे कि नियमितिकरण, समान काम, समान वेतन देने समेत अन्य मांगों को लेकर जिल के करीब 4 हजार संविदा कर्मचारी 16 जुलाई से हड़ताल पर चले गए थे। उनके आंदोलन के चलते महिला एवं बाल विकास विभाग, लोकपाल, स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा, मुख्यमंत्री कौशल विकास, राजीव गांधी शिक्षा मिशन समेत अन्य विभागों में कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गया था। फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही थी। इसके अलावा पीएम आवास समेत अन्य योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा था।
15 अगस्त तक उनकी मांगों को पूरा करने का प्रयास
नोटिस देने के बाद भी काम पर नहीं लौटने पर जिला पंचायत द्वारा दर्जनभर संविदा कर्मियों को बर्खास्त भी कर दिया गया था। इसके बाद भी वे हड़ताल पर डटे रहे। अंत में शासन ने संविदा कर्मियों को आश्वस्त किया है कि 15 अगस्त तक उनकी मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
संविदा कर्मियों के काम पर लौटने से अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। उनके ऊपर निर्वाचन कार्य का लोड भी है। बंद विभागों के दरवाजे भी अब खुल गए हैं। उधर उन्होंने बताया कि शासन ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया है। सिर्फ कुछ दिनों का मोहलत दिया है। निर्धारित दिनों तक मांगे पूरी नहीं होने पर वे फिर से आंदोलन कर सकते है।
जिला पंचायत के सीईओ रितेश अग्रवाल ने बताया कि हड़ताल पर गए संविदा कर्मचारी वापस काम पर आ गए हैं। बर्खास्त कर्मचारी बहाली के लिए अपील कर सकते हैं।