धमतरी

सुरक्षित मातृत्व योजना से अंजान हैं महिलाएं, पैसे देकर करा पड़ रहे है सोनोग्राफी

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना शुरू की गई है, जिसका लाभ यहां की गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल रहा है।
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Updated: 22 Oct 2018, 10:03 AM IST
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सुरक्षित मातृत्व योजना से अंजान हैं महिलाएं, पैसे देकर करा पड़ रहे है सोनोग्राफी

धमतरी. छत्तीसगढ़ में शिशु और मातृ मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना शुरू की गई है, जिसका लाभ यहां की गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूक नहीं किए जाने से वे नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधा से लाभान्वित नहीं हो पा रही है। उन्हें राशि खर्च कर सोनोग्राफी आदि करानी पड़ रही है।

उल्लेखनीय है कि गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य को लेकर विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही है। आंगनबाडिय़ों में उन्हें पूरक आहार दिया जा रहा है। मातृत्व वंदना योजना के तहत पांच हजार रुपए और जननी सुरक्षा योजना के तहत 1400 रुपए दी जाती है।अब तो इस साल से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्य अभियान योजना भी शुरू कर दी गई है।

इसके तहत प्रत्येक महीने के 9 तारिख को स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं का विशेष जांच किया जाना है। इस योजना को लेकर अधिकारियों को द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। प्रचार-प्रसार नहीं होने से अधिकांश गर्भवती महिलाएं इससे अनजान है। उन्हें मजबूरी में स्वास्थ्य केन्द्र के बजाए पैसा खर्च कर प्राइवेट अस्पतालों में जाकर अपना चेकअप कराना पड़ रहा है।

इसलिए शुरू की गई है योजना

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की माने तो जब महिला गर्भवती होती है, उन्हें अपने स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा सचेत रहना पड़ता है। गर्भावस्था मके दौरान रक्तचाप, हार्मान संबंधी कई बीमारियों से पीडि़त हो जाती है। इसके अलावा खान-पान में ध्यान नहीं दिए जाने से इसका असर शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास पड़ता है। इसके अलावा चेकअप पर लापरवाही बरतने से कई मामले में महिला और शिशु की मौत भी हो जाती है। इसलिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान योजना शुरू की गई है।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान योजना के तहत डॉक्टरों की टीम महिलाओं की चेकअप की जाती है। इस दौरान जरूरमंद महिलाओं को सोनोग्राफी कराने के लिए पर्ची भी दी जाती है। वे इस पर्ची के सहारे संबंधित सेंटर में जाकर नि:शुल्क सोनोग्राफी करा सकती है, लेकिन महिलाओं को इसकी जानकारी नहीं होने के कारण वे इसका फायदा नहीं उठा पा रही है। प्राइवेट अस्पताल में चेकअप कराने पहुंची हेमलता देवांगन और ममता साहू का कहना है कि सुरक्षित मातृत्व अभियान योजना के संबंध में जानकारी नहीं है। अब तक स्वास्थ्य केन्द्रों में चेकअप कराने नहीं गई है।

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