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बुरे स्वप्न और अनिद्रा से तुरंत लाभ देता हैं यह उपाय

बुरे स्वप्न और अनिद्रा से तुरंत लाभ देता हैं यह उपाय
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Jan 17, 2019
bure sapna
बुरे स्वप्न और अनिद्रा से तुरंत लाभ देता हैं यह उपाय

आजकल नींद नहीं आने की बीमारी और बुरे डरावने स्वप्न की समस्या हर दूसरे व्यक्ति के मुख से सुनाई देती हैं । कभी-कभी व्यक्ति का मन किसी प्रकार की घटना से इतना क्षुब्ध हो जाता है जिसके कारण न तो नींद ही ठीक से आती है और यदि थोड़ी नींद आती भी है तो तरह-तरह के बुरे डरावने सपने नींद नहीं आने देते, और व्यक्ति दु:स्वप्नों से इतना तंग आ जाता है कि उसे सोने से भी डर लगने लगता है । अगर आपको या आपके कोई प्रिय को ऐसी परेशानी हो तो आज ही नीचे दिये उपायों को एक बार जरूर आजमाएं, उपरोक्त समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं ।

बुरे स्वप्न और अनिद्रा से बचने के लिए ये उपाय करें

1- यदि किसी को नींद न आती हो तो हाथ-पैर धोकर सोते समय इस मन्त्र का जप 7 बार करे सो जाये, अच्छी नींद आने लगेगी ।
अगस्तिर्माधवश्चैव मुचुकुन्दो महाबल : ।
कपिलो मुनिरास्तीक: पंचैते सुखशायिन: ।।

2- रात को सोने से पहले इस मन्त्र जप 3 या 5 बार करके सो जाये बुरे स्वप्न आना बंद हो जायेंगे ।
या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।।

3- सोते समय बिस्तर पर आंख बंद करके बैठ जाये एवं एकाग्रचित्त होकर 5 बार गहरी सांस लेने के बाद इस प्रार्थना को मन ही मन बोले- मैं शान्त और संतुलित हूँ । मेरे मन में किसी प्रकार की चंचलता, व्याकुलता या बुराई नहीं है क्योंकि मेरे अंदर साक्षात् ईश्वर विराजमान हैं । उन्हीं की शक्ति मुझमें काम कर रही है । मेरी शान्ति को कोई भंग नहीं कर सकता । इस प्रार्थना को रोजाना सोते समय 7 बार दुहराएं । तुरन्त ही आपका मन हल्का हो जाएगा और गहरी नींद आने लगेगी ।

4- यदि किसी को बुरे स्वप्न आते हों तो रात्रि में हाथ-पैर धोकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके इस मन्त्र को 21 बार उच्चारण करने के बाद सो जाये बुरे स्वप्न आने बंद हो जाएंगे ।
वाराणस्यां दक्षिणे तु कुक्कुटो नाम वै द्विज: ।
तस्य स्मरणमात्रेण दु:स्वप्न सुखदो भवेत् ।।

5- रात्रि में सोते समय आंख बंद करके बोले हे परमपिता, जो दु:खदायक वस्तुएं हों, उन्हें हमसे दूर हटा दीजिए । जो सब दु:खों से रहित कल्याणप्रद है, जिन चीजों से हमें आत्मिक सुख प्राप्त हो, उन्हें ही हमें प्रदान कीजिये । इसके बाद नीचे के मंत्र को 7 बार जप कर लें । मंत्र- ।। ॐ विश्वानि देव सवितु: दुरितानि परा सुव यद् भद्रं तन्न आ सुव ।।

Updated on:
17 Jan 2019 03:58 pm
Published on:
17 Jan 2019 03:58 pm