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यूपी में 37500 से ज्यादा रजिस्टर्ड मंदिर, देश के सबसे अमीर मंदिर को साल में मिलता है करीब 2000 करोड़ का चढ़ावा

Richest temples in India- जानिए किस मंदिर में आता है सबसे ज्यादा चढ़ावा, कौन संभालता है यह अकूत दौलत और कितनी है इनकी अनुमानित संपत्ति।
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भारत

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Akash Dewani

Jul 05, 2026

top 5 richest temples in india highest donations annual offerings

top 5 richest temples in india- जानिए किस मंदिर में आता है सबसे ज्यादा चढ़ावा (Photo Source-@chatgpt)

Richest temples in India- उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित रामजन्मभूमि मंदिर में हुई चंदा चोरी ने अब देशभर में दान और उनके प्रबंधन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि देश के बड़े-बड़े मंदिरों में हर साल करोड़ों-अरबों का चढ़ावा आता है जो अनगिनत श्रद्धालुओं की आस्था से सीधा जुड़ाव रखता है। ग्लोबल वेल्थ इंडेक्स के हालिया डेटा के मुताबिक, भारत के टॉप-10 सबसे अमीर मंदिरों की कुल संपत्ति 9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है। इसी को लेकर लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर देश के बड़े मंदिरों में कितना दान आता होगा और उनका रख रखाव कौन करता होगा? कौन-सा मंदिर सालभर में सबसे अधिक चढ़ावा हासिल करता है और किन मंदिरों का नाम इस सूची में शामिल है? आइए जानते हैं देश के 5 ऐसे प्रमुख मंदिरों के बारे में, जहां हर साल सबसे ज्यादा दान पहुंचता है।

तिरुमाला तिरुपति बालाजी मंदिर

इस सूची में सबसे पहला नाम आंध्र प्रदेश राज्य में स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर (Tirupati Balaji Mandir) का आता है। इस मंदिर के प्रबंधन और इसमें आने वाले दान/सोना-चांदी की सुरक्षा की जिम्मेदारी तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) नाम के स्वायत्त ट्रस्ट की है। देवस्थानम के बताए आंकड़ों के अनुसार, तिरुपति को हर साल 1880 करोड़ रुपए चढ़ावे के रुप में मिलते हैं। इसके अलावा मंदिर को 1000 करोड़ रुपए सिर्फ ऑनलाइन टिकट और प्रसाद से आते हैं। मंदिर प्रबंधन चंदा चोरी से बचने के लिए UPI-बेस्ड डोनेशन सिस्टम बनाए गए हैं। वहीं अगर किसी श्रद्धालु को सोना या चांदी का दान करना है तो उसे पहले एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिस में रसीद कटवानी होती है और उसके बाद दान को स्वीकार किया जाता है। अनुमान है कि तिरुमाला तिरुपति मंदिर के पास 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा संपत्ति है, जिससे यह दुनिया का तीसरा सबसे अमीर धार्मिक स्थल बन गया है।

माता वैष्णो देवी मंदिर

जम्मू-कश्मीर के सुंदर पहाड़ियों में एक त्रिकुटा पर्वत पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर (Vaishno Devi Temple) में भी लोगों की आस्था है। वैष्णो देवी मंदिर का प्रबंधन और उसमे आने वाले चंदे के रख-रखाव माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड करता है। मंदिर द्वारा बताए आंकड़ों के मुताबिक सोने-चांदी के अलावा भक्त हर साल लगभग 250 करोड़ रूपए चढ़ावा आता है। अनुमान लगाया जाता है कि माता वैष्णो देवी मंदिर के पास 700 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है।

सिद्धिविनायक मंदिर

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में स्थित भगवान गणेश के लोकप्रिय रूप को समर्पित श्री सिद्धिविनायक मंदिर (Siddhivinayak Temple) में आए दिन भक्तों का तांता लगा रहता है। मंदिर की देख-रेख और उसमे आने वाले चढ़ावे का ध्यान रखने का सारा दारोमदार सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, श्री सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल लगभग 100 करोड़ रुपए का चढ़ावा आता है। बता दें कि, मंदिर ट्रस्ट समय-समय पर महाराष्ट्र सरकार की अनुमति से अतिरिक्त सोने-चांदी के आभूषणों की नीलामी भी कर सकता है, जिससे प्राप्त राशि मंदिर के संचालन और सामाजिक कार्यों में खर्च की जाती है।

काशी विश्वनाथ

दुनिया के सबसे जीवित शहर कहे जाने वाले वाराणसी (काशी) में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) में भी श्रद्धालु भोले बाबा के नाम जयकारा लगाते हुए हर साल बड़ी संख्या आते है। बाबा विश्वनाथ के प्रति आस्था दिखाते हुए वह अपनी खून-पसीने की कमाई का छोटा हिस्सा दान के रूप में मंदिर को देते है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मंदिर में हर साल करीब 80 करोड़ का चढ़ावा आता है। इस चढ़ावे की सुरक्षा की जिम्मेदारी श्री काशी विश्वनाथ न्यास परिषद के पास होती है।

जगन्नाथ पुरी मंदिर

ओड़िशा के तटीय शहर पुरी में स्थित चमत्कारी एवं रहस्यमयी श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर (Jagannatha Temple Puri) को देखने के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से आते है। मंदिर का प्रबंधन श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर एडमिनिस्ट्रेशन करता है। इसमें आने वाले चंदे की देखरेख इस एडमिनिस्ट्रेशन के साथ जगन्नाथ मंदिर मैनेजिंग कमिटी भी करती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंदिर को प्रति वरह लगभग 18 करोड़ रुपए चढ़ावे के रूप में आता है। हालांकि, अनुमान है कि मंदिर के पास 112 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है।

भारत में मंदिरों की संख्या कितनी है?

अनुमान लगाया जाता है कि भारत में करीब 8 लाख से 10 लाख मंदिर मौजूद है। इनमें से करीब चार लाख मंदिर ऐसे है जो राज्य सरकारों द्वारा बनाए अपने कानूनों और भारतीय न्यास नियम 1882 के रेजिस्टर्ड आते है। इसमें मंदिर के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार ट्रस्ट भी शामिल है। देश में सबसे ज्यादा मंदिर तमिलनाडु में रेजिस्टर्ड है जिनकी संख्या 79154 है। इसके बाद महाराष्ट्र में 77283, पश्चिम बंगाल में 53658 और उत्तर प्रदेश में 37500 मंदिर रेजिस्टर्ड है।

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