
Ganesh Atharva Shirsha : आज के अर्थ प्रधान समय में पैसों के बिना कोई सुख संभव नहीं है। धन संपत्ति प्राप्त करने के लिए सभी लोग तरह तरह के जतन करते हैं। हमारे देश में ज्यादातर लोग खेती किसानी में लगे हैं या छोटा-मोटा व्यापार कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। व्यापार में प्रतिस्पर्धा इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि कारोबार फैलाना बड़ा कठिन हो गया है। प्रतिस्पर्धा के कारण व्यापारियों की कमाई भी कम होती जा रही है। वैदिक ज्योतिष में इसका एक आसान उपाय है जोकि बहुत फलदायी साबित होता है। व्यापार वृद्धि के लिए गणेश अथर्व शीर्ष पाठ का महत्व बताया गया है। अधिकतम 15 मिनट में यह पाठ हो जाता है जोकि लाभकारी होता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि बुध ग्रह को बुद्धि के साथ ही व्यापार का भी कारक माना जाता है। उनका प्रिय दिन बुधवार है। बुधदेव गणेशजी की पूजा से बहुत प्रसन्न होते हैं, इसलिए सभी व्यापारियों को बुधवार को गणेशजी की पूजा जरूर करनी चाहिए।
बहुत हाथ-पैर चलाने पर भी यदि व्यापार नहीं बढ़ पा रहा है तो गणेशजी की नियमित पूजा प्रारंभ कर दें, कुछ ही दिनों में लाभ होने लगेगा। बुधवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, इसके बाद विधिविधान से गणेशजी की पूजा करें। उन्हें दूर्वा जरूर अर्पित करें। इसके बाद गणेशजी के सरल मंत्र - ऊं गं ऊं - का कम से कम एक माला जाप करें। जितना अधिक जाप करेंगे उतना ही अधिक लाभ होता है।
बुधदेव की प्रसन्नता के बिना व्यापार में सफलता नहीं मिल सकती। यदि उनकी कृपा प्राप्त हो जाए तो आपका कारोबार दिन-दूना- रात चौगुना हो उठेगा। इसके लिए गणेश अथर्व शीर्ष का पाठ सबसे उत्तम माना जाता है। व्यापार बढ़ाने के लिए एक सिद्ध प्रयोग है जोकि आप भी कर सकते हैं।
शुक्ल पक्ष के बुधवार के दिन विधि विधान से गणेशजी की पूजा करें। उन्हें दूर्वा अर्पित करें पर गणेशजी की पूजा में तुलसी का प्रयोग न करें। इसके बाद गणेश अथर्व शीर्ष का पाठ करें। रोज नियमित रूप से 40 दिनों तक गणेश अथर्व शीर्ष का पाठ करें। मनोयोग और पूर्ण श्रद्धा से किए गए इस पाठ से गणेशजी की कृपा से आपका व्यापार जरूर बढ़ेगा, इसमें कोई संदेह नहीं है। व्यापार करनेवाले लोग हो सके तो रोज यह पाठ करें।