
पूर्णिमा पर चंद्रपूजन से होता है लाभ- फोटो सोर्स : Grok
Purnima 2026 - हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर माह के शुक्लपक्ष की अंतिम तिथि यानि माह की अंतिम तिथि पूर्णिमा होती है। इस दिन आकाश में पूरा चांद होता है। पूर्णिमा के अगले दिन से नए माह का कृष्ण पक्ष प्रारंभ हो जाता है। सनातन धर्म में पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का विधान है। वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को धन का कारक कहा गया है। इसलिए जीवन में धन सम्बन्धी समस्याओं को दूर करने के लिए पूर्णिमा की रात चंद्रमा की पूजा जरूर करनी चाहिए।
28 अगस्त को सावन माह की पूर्णिमा है। इस दिन भाई बहन के स्नेह का महापर्व रक्षाबंधन भी मनाया जाएगा। पूर्णिमा पर रात के समय चंद्रमा की पूजा का बहुत महत्व है। इस बार पूर्णिमा शुक्रवार के दिन आ रही है जिससे इसका महत्व और बढ़ गया है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि चंद्रमा मन के कारक हैं, जब तक मन अच्छा न हो तब तक हमें कोई चीज अच्छी नहीं लगती। यही कारण है कि जीवन के सभी सुखों के लिए मन का अच्छा होना यानि चंद्रमा का अच्छा होना जरूरी है। चंद्रमा की कृपा के बिना जीवन में कोई सुख नहीं मिलता। कुंडली में चंद्रमा की स्थिति अच्छी हो तो पर्याप्त धन-संपत्ति होती है, ऐसा व्यक्ति वैभवपूर्ण जीवन होता है।
नवग्रहों में चंद्रमा को रानी का दर्जा दिया गया है। चंद्रमा की प्रसन्नता के लिए पूर्णिमा पर निर्जला व्रत भी रखा जाता है। साल में लगभग 12 पूर्णिमा पड़ती हैं और हर एक का अपना अलग-अलग महत्व होता है। इनमें भी सावन मास की पूर्णिमा का सबसे ज्यादा महत्व है। इस दिन चंद्रमा की आराधना विशेष फलदायक होती है।
ज्योतिषाचार्य पंडित अरुण बुचके बताते हैं कि सावन पूर्णिमा पर पूजा पाठ, हवन आदि करें और चंद्रमा से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें। शुक्रवार के दिन पूर्णिमा तिथि आने से चंद्र पूजन, पूर्णिमा व्रत और लाभदायक बन गया है। पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय के समय चन्द्रमा का ध्यान करें और मंत्र- ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: चन्द्रमासे नम: का जाप शुरू करें। इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। पूर्ण मनोयोग और विश्वासपूर्वक लगातार 40 दिनों तक नियमानुसार जाप करने से धीरे धीरे आपकी आर्थिक समस्या खत्म हो सकती है।
Updated on:
27 Aug 2026, 2:02 PM IST
Published on:
27 Aug 2026, 2:02 PM IST
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