Holi Bhai Dooj : होली के बाद आने वाली भाई दूज पर बहनें भाई का तिलक कर उस पर आने वाले सभी संकटों को टालने की प्रार्थना करती हैं।
Holi Bhai Dooj : चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया (अर्थात् होली के बाद आने वाली द्वितीया) को भाई दूज मनाया जाता है। भारतीय परंपरानुसार वर्ष में दो बार भाई दूज आती हैं, पहली दीवाली पर गोवर्धन पूजा के अगले दिन और दूसरी होली के बाद आने वाली द्वितीया को। जहां दीवाली की भाई दूज को भाई की पूजा और उसका तिलक कर भाई के लंबे जीवन की कामना की जाती है, वहीं होली के बाद आने वाली भाई दूज पर भाई का तिलक कर भाई पर आने वाले सभी संकटों को टालने की प्रार्थना की जाती है।
होली भाई दूज का शुभ मुहूर्त
द्वितीया तिथि 29 मार्च 2021 को रात्रि 8.54 बजे प्रारंभ होगी तथा 30 मार्च 2021 को सायं 5.27 पर समाप्त होगी। अत: 30 मार्च 2021 को भाई दूज का त्यौहार मनाया जाएगा। ज्योतिषियों के अनुसार भाई दूज मनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त 20 मार्च को सुबह 06.02 बजे से लेकर दोपहर 12.22 बजे तक रहेगा। इसके बाद विजय मुहूर्त (दोपहर 2.17 बजे से दोपहर 3.06 बजे तक) में भी पूजा की जा सकती है।
यह है होली भाई दूज की कहानी
भारतीय जनश्रुति में सुनाई जाने वाली कथाओं के अनुसार एक बुढ़िया थी जिसके एक बेटा और बेटी थे। बेटी का विवाह हो गया था तथा वह परदेश में रहती थी। एक दिन बेटे ने अपनी मां से आग्रह किया कि वह अपनी बहन से मिलने जाना चाहता है। इस पर उसकी मां ने उसे अनुमति दे दी। बहन के घर पहुंचने के बीच उसे कई संकटों से गुजरना पड़ा परन्तु हर बार वह वापिस लौटने का आश्वासन देकर सकुशल अपनी बहन के घर पहुंच गया।
वहां पर बहन ने उसे दुखी देख उससे कारण पूछा। भाई ने उसे सब कुछ बता दिया। इस पर बहन ने भाई को सकुशल उसके घर छोड़ कर आने का वचन दिया और उसके साथ राह में निकल पड़ी। रास्ते में आने वाले सभी संकटों का सामना करते हुए उसने अपने भाई की जान बचाई। भाई दूज के अवसर पर सभी बहनें इस कहानी को सुन कर और अपने भाई का तिलक कर अपना व्रत खोलती हैं।