धर्म-कर्म

मुसीबतों से चाहते हैं छुटकारा तो चन्द्र और मंगल देव को ऐसे करें प्रसन्न

मंगल को नवग्रहों में सेनापति का दर्जा दिया गया है। इसका मुख्य तत्व अग्नि है और इसका मुख्य रंग लाल है।
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Dec 10, 2019
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मंगल ग्रह को बहुत ही तेजस्वी ग्रह माना जाता है। कहा जाता है कि अगर ये किसी व्यक्ति पर प्रसन्न हो जाएं तो उसका जीवन मंगलमय हो जाता है। इनकी पूजा करने से हनुमानजी भी प्रसन्न होते हैं। कई बार कुंडली में मंगल दोष होने की वजह से कष्ट उत्पन्न होने लगते हैं।


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल मकर राशि में उच्च के होते हैं और कर्क राशि में नीच के होते हैं। वहीं चन्द्रमा पीड़ित होने पर मन खराब होने के साथ-साथ आत्मविश्वास और साहस भी कमजोर होने लगता है। माना जाता है कि जिनकी कुंडली में चंद्रमा और मंगल कमजोर होते हैं, वे अक्सर कर्ज और मुकदमेबाजी में फंसे रहते हैं।


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल शक्ति, ऊर्जा, आत्मविश्वास और पराक्रम का स्वामी है। मंगल को नवग्रहों में सेनापति का दर्जा दिया गया है। इसका मुख्य तत्व अग्नि है और इसका मुख्य रंग लाल है। ताम्बा इसकी धातु है और जौ, लाल, मसूर आदि इसके अनाज हैं। मंगल ग्रह की राशियां मेष और वृश्चिक हैं।

चन्द्रमा और मंगल देव को प्रसन्न करने के उपाय


मंगलवार को उपवास रखें और इस दिन नमक का सेवन न करें। इस दिन प्रातः और सायंकाल में हनुमान चालीसा का पाठ करें।


सोमवार के दिन एक लोटे में कच्चा दूध और पानी में काला तिल मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। साथ ही इस दिन शाम के समय जरूरतमंद स्त्रियों को सफेद वस्तुओं का दान करें।


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल देव के मंत्र का जाप दोपहर में करने से मंगल का अशुभ प्रभाव समाप्त हो जाता है।

Published on:
10 Dec 2019 11:20 am