
Janmashtami Rohini Nakshatra: इस बार की जन्माष्टमी सिर्फ त्योहार नहीं, महासंयोग है। 5 साल बाद 4 सितंबर को फिर वही दुर्लभ घड़ी बन रही है, जब रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया था। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस महासंयोग में 5 राशियों पर भगवान श्रीकृष्ण की ऐसी कृपा बरसेगी कि धन के भंडार भरेंगे और अटके काम पल में बन जाएंगे। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में मध्यरात्रि में हुआ था। इस बार भी जन्माष्टमी पर ठीक वैसा ही संयोग बन रहा है। अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में चंद्रमा की स्थिति रहेगी। यही कारण है कि इस बार की जन्माष्टमी को द्वापर जैसा माना जा रहा है। इसके बाद अब 5 साल बाद 2026 में फिर से यही संयोग बन रहा है।
आचार्य पंकज पाठक के अनुसार इस संयोग में व्रत, पूजन और रात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन किए गए व्रत से संतान सुख और समृद्धि मिलती है।
पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि 4 सितंबर को रात 2 बजकर 25 मिनट से शुरू होगी और 5 सितंबर को रात 12 बजकर 13 मिनट पर समाप्त होगी। वहीं रोहिणी नक्षत्र 4 सितंबर को रात 12 बजकर 29 मिनट से शुरू होकर रात 11 बजकर 04 मिनट तक रहेगा।
वृषभ : इस राशि में चंद्रमा रहेगा, इसलिए सबसे ज्यादा लाभ वृषभवालों को होगा। धन लाभ, रुका हुआ काम पूरा होगा।
मिथुनः कॅरियर में सफलता और नई नौकरी के योग। कारोबार में नई डील मिल सकती है।
सिंहः प्रमोशन और व्यापार में मुनाफा होगा। कान्हा की कृपा से आर्थिक संकट दूर होगा।
तुलाः धन और सम्मान दोनों बढ़ेगा। कारोबार का विस्तार होगा और कोई शुभ समाचार मिलेगा।
मीनः लंबे समय से अटके काम पूरे होंगे। नौकरी में तरक्की और मानसिक शांति मिलेगी।
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अब 2026 में फिर से