
हिन्दू धर्म में अत्यधिक पवित्र महीना माना जाने वाले कार्तिक मास जिसे चातुर्मास का अंतिम मास कहा जाता और इसी महीने में सभी देव शक्तियां भी मजबूत हो जाती हैं, कार्तिक मास में धन प्राप्ति से लेकर धार्मिक आयोजन भी भरपूर किए जाते हैं । ऐसी मान्यता है कि इसी माह में तुलसी पौधे का रोपण एवं और विवाह करना सर्वोत्तम माना गया हैं । इस महीने में दीपदान और दान करने से अक्षय शुभ फल की प्राप्ति होती है । लेकिन कार्तिक माह में कुछ कामों को करना निषेध भी बताया गया है.. खासकर कहा जाता है कि इस माह में पड़ने वाले रविवार के दिन इस एक कार्य को करने बचना चाहिए । कार्तिक मास आरंभ 25 अक्टूबर से हो गया जो कि 23 नवम्बर 2018 तक रहेगा ।
कार्तिक मास में खान-पान और जीवनचर्या को संयमित रखने सलाह दी जाती है । इस महीने से स्निग्ध चीजें, और मेवे आदि खाने में भरपूर उपयोग करना चाहिए । ऐसी चीज़े जिनका स्वभाव गर्म हो और लम्बे समय तक उर्जा बनाये रक्खें, ऐसी चीज़ों को भी खुब खाना चाहिए । दलहन खाने से बचना चाहिए । इस महीने सूर्य की किरणों का स्नान करना शरीर के लिए अति उत्तम माना जाता है । साथ ही इस महीने में प्रयास करें की दोपहर में नींद लेने से बचना चाहिए ।
शास्त्रों के अनुसार कार्तिक मास भगवान श्री हरि का अत्यंत प्रिय माह है, इसलिए ये माह माता लक्ष्मी को भी अत्यंत प्रिय लगता हैं । इसी माह भगवान् विष्णु योग निद्रा से जागकर सृष्टि में आनंद भरी कृपा की वर्षा करते हैं । पहले श्री नारायण एवं बाद में माँ लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करके अपने भक्तों को अपार धन देती हैं । श्री लक्ष्मी माता की कृपा पाने के लिए इस माह धन त्रयोदशी, अमावस्या पर दीपावली और गोपाष्टमी जैसे पर्व मनाये जाते है । इस माह रोज रात्रिकाल में श्री विष्णु जी और श्री लक्ष्मी माता की एक साथ पूजा करने से सभी अभाव दुर हो जाते हैं । पूजा के समय साधक गुलाबी या चमकदार कपड़े पहनकर पूजा करें । कमलगट्टे की माला से इस मंत्र - ।। ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मी वासुदेवाय नमः ।। का रोज 108 बार जप करना चाहिए ।
रविवार के दिन इस को न करे....
कार्तिक मास में पड़ने वाले रविवार के दिन ऐसा माना जाता की इस दिन सांयकाल के समय घी का या तिल के तेल का दीपक भूलकर भी नहीं जलाना चाहिए । इस दिन केवल गुगल की धुप जला सकते हैं । ऐसा कहा जाता हैं कि रविवार के दिन शाम के समय दीपक जलाने से और झाडू लगाने से महालक्ष्मी नाराज हो जाती हैं ।