Kinnar Daan: किन्नर समाज भारतिय संस्कृति का एक अहम हिस्सा है। माना जाता है कि किन्नर शिव भगवान के साधक होते हैं। इनका दिया हुआ आशीर्वाद जरूर फलता है। इसलिए किन्नरों को सम्मान के साथ दान करना चाहिए।
Kinnar Daan: सनातन धर्म में किन्नौरों का विशेष महत्व है। किन्नरों को शुभ और मंगलकारी माना जाता है। देश के सभी धर्म उनको सौभाग्य का प्रतीक मानते हैं। इसके साथ ही कई लोग किन्नरों को प्रसन्न करने के लिए उन्हें दान करते हैं। मान्यता है कि किन्नरों को दान करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
ऐसे तो किन्नरों को धन का दान करना पुरानी परंपरा है। विशेष रूप से नई शुरुआत, जैसे विवाह, बच्चे के जन्म खासतौर पर लड़का पैदा होने पर किन्नरों को धन देना से शुभ माना गया है। मान्यता है कि घर में होने वाली खुशी पर किन्नरों को धन देने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही लोग किन्नरों को मिठाई, विशेष रूप से बेसन के लड्डू या गुलाब जामुन देते हैं। वहीं कुछ लोग किन्नरों को नए कपड़े दान करते हैं भी शुभ माना जाता है। यह उनके प्रति आदर व्यक्त करने का एक अच्छा तरीका भी है। जिससे किन्नर खुश होते है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
किन्नरों को महिलाएं भी श्रृंगार की वस्तु दान कर सकती हैं। जैसे- सिंदूर, चूड़ियां ,साड़ियां और माथे की बिंदी आदि। क्योंकि किन्नरों को श्रृंगार करना पंसद होता है। महिलाएं इस तरह की वस्तु किन्नरों को दान करती हैं तो किन्नर उनके सुहाग की लंबी आयु का आशीर्वाद देते हैं। यह दान विशेष रूप से सुहागन महिलाओं के लिए शुभ माना जाता है। अगर किसी के पास ज्यादा धन न हो, तो वह अन्न, फल, या रोजमर्रा की जरूरत की चीज भी दान कर सकता है।
धार्मिक ग्रंथों और शास्त्रों के अनुसार किन्नरों को दान करने से ग्रहों की अशुभ स्थिति में सुधार होता है। घर में सुख-शांति बनी रहती है। यह दान व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार प्रदान करता है।
किन्नरों का आशीर्वाद क्यों है महत्वपूर्ण (Kinnaron Ka Ashirwad Kyon Hai Mahatvapurna)
धार्मिक मान्यता है कि किन्नरों को भगवान शिव और शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त है। उनकी दुआएं सीधे भगवान तक पहुंचती हैं। इसलिए जब किन्नर किसी को आशीर्वाद देते हैं तो उसके जीवन में सुख-शांति आती है।
जैसा कि हिंदू धर्म की परंपरा के अनुसार दान हमेशा सच्चे मन और श्रद्धा के साथ करना चाहिए। ऐसे ही किन्नरों से कभी बदतमीजी नहीं करनी चाहिए। उनको कभी गलत नजर से नहीं देखना चाहिए। हमेशा किन्नरों के प्रति सम्मान का भाव रखना चाहिए।