
हिन्दू धर्म के शास्त्रों में छ: ऋतुएँ बताई गई है, और उनमें प्रत्येक ऋतु का एक नारी-रूप है बताया हैं, प्रत्येक ऋतु एक विशेष नवरात्रि से संपन्न है । शास्त्रों में इन छ: ऋतुओं में से चार को अधिक महत्व दिया गया है और इन चार में से भी केवल दो का ही सबसे बड़ा महत्व बताय गया हैं, एक तो चैत्र नवरात्र एवं दूसरी हैं शारदीय आश्विन नवरात्र । मां का आशीर्वाद पाने के लिए यह अवधि सर्वाधिक कल्याणकारी मानी गई है । वर्षा का समापन और शरद के आगमन के शुभ संयोग की अवधि होने के कारण यह समय सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता है । अगर शारदीय नवरात्र में साधक भक्त कुछ नियमों का पालन करें तो माता रानी का आशीर्वाद चारों ओर से बरसने लगता हैं । जाने नवरात्र में क्या करें और क्या नहीं करें ।
नवरात्र में इन नियमों का पालन जरूर करें
1- नौ दिनों तक प्रतिदिन सुबह 6 बजे तक स्नान कर ही लेना चाहिए, एवं हर दिन धुले हुए वस्त्रों को ही धारण करें ।
2- दिन में केवल एक बार सात्विक भोजन करना चाहिए ।
3- नौ दिनों तक घर का बना हुआ भोग ही माता रानी को अर्पित करनी चाहिए, ओर अगर संभव नहीं हैं तो दूध और फलों का भोग लगा सकते हैं ।
4- नौ दिनों तक घर के पूजा स्थल एवं नजदीक के मंदिर में सुबह एवं शाम को गाय के घी का दीपक जलायें ।
5- संभव हो तो नौ दिनों तक 7 साल से छोटी दो कन्याओं को फल या अन्य कोई उपहार भेंट, शाम के समय अवश्य करें ।
6- नौ दिनों तक माता के बीज मंत्रों, चालीसा, स्त्रोत आदि जप, पाठ अनिवार्य रूप से करें ।
7- संभव हो नौ दिनों तक गाय के घी का अखण्ड दीपक अवश्य जलाना चाहिए ।
8- दुर्गा सप्तशती या देवी माहात्म्य पारायण कराने से जीवन में उत्कृष्ट प्रगति, समृद्धि और सफलता मिलती हैं ।
नवरात्र में ऐसा गलती से भी नहीं करें ।
1- नवरात्र प्रतिपदा से लेकर एकादशी तिथि तक अपने नाखूनों को बिलकुल भी नहीं काटे ।
2- नवरात्र के दिनों में अपने बाल भी नहीं कटवाना चाहिए ।
3- इस अवधि में सिलाई-बुनाई का काम भी नहीं करना चाहिए ।
4- इस अवधि में किसी निंदा भी नहीं करना चाहिए, झूठ नहीं बोलें एवं मुधभाषी बने रहे । 5- प्रयास करें की नौ दिनों तक घर में झाड़ू नहीं लगाएं, या कम से कम पूजा घर और रसोई में नहीं लगाने का प्रण ले ।
6- नौ दिनो तक यदि संभव है तो घर में चप्पल मत पहनो या पूजा कक्ष में चप्पल पहन कर प्रवेश करने से बचो, चमड़े से बनी वस्तुओं का भूलकर भी प्रयोग ना करे ।
7- शराब, मांस, तंबाकू जैसी अन्य पदार्थों का सेवन नहीं करें ।
8- नौ दिनों तक किसी भी महिलाओं का अपमान नहीं करें ।
इन सरल नियमों का पालन करने से माता दुर्गा के अनेक आशीर्वाद मिलता हैं ।