
बसंत उल्लास है, बसंत सुंगध है, बसंत मुस्कान है, बसंत सौंदर्य है, बसंत प्रकृति है, बसंत संगीत है और सर्वोपरि बसंत साधना है, जीवन का उत्कर्ष है । जिसके जीवन में बसंत का आगमन हो जाता है उसके जीवन में अनेक श्रेष्ठ क्रांतियां जन्म लेने लगती है । इस दिन मां सरस्वती की आराधना इसी भाव से जो कोई भी करता हैं उसके जीवन में उपरोक्त बाते स्वतः ही मां की कृपा से प्रवेश करने लगती हैं । बसंत पंचमी का त्यौहार प्रतिवर्ष माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता हैं । इस साल बसंत पंचमी का पर्व 10 फरवरी 2019 को सूर्योदय के साथ ही मनाया जायेगा । जाने पूजा का सटीक शुभ मुहूर्त एवं विधि ।
बसंत पंचमी- मां सरस्वती पूजा का सटीक शुभ मुहूर्त एवं सरल पूजा विधि
1- बसंत पंचमी तिथि का आरंभ- 9 फरवरी शनिवार को दोपहर 12 बजकर 25 मिनट से हो जायेगा ।
2- मां सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त- 10 फरवरी रविवार को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा ।
3- बसंत पंचमी तिथि का समापन 10 फरवरी रविवार को दोपहर 2 बजकर 8 मिनट पर हो जायेगा ।
ऐसे करें मां सरस्वती की पूजा
1- माघ माह की पंचमी तिथि को मां सरस्वती की विशेष पूजा की जाती है ।
2- पूजा में सफ़ेद कमल पर बैठी वीणाधारिणी मां सरस्वती का स्वरूप सर्वोत्तम माना जाता है ।
3- सफ़ेद अथवा पीले वस्त्र धारण करके इनकी पूजा करनी चाहिए और पूजा का आसन भी पीला हो तो सर्वोत्तम माना जाता है ।
4- पूजा में सफ़ेद अथवा पीले फूल तथा हलवा या मेवा का भोग लगाना चाहिए ।
5- स्फटिक की माला से इस मंत्र- ॐ ऐं नमः या फिर ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः मन्त्र का 108 बार जप करने से सभी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं ।
6- बसंत पंचमी के दिन पूरी श्रद्धा भावना से व्रत रखकर प्रातः सरस्वती वंदना का पाठ भी करना चाहिए ।