
ऐसी मान्यता है कि सावन का महीना आता ही है शिव भक्तों के दुख दर्द को को दूर करने के लिए। इसलिए सावन मास में जो भी सच्चे श्रद्धाभाव से शिवजी की आराधना करते हैं उनकी सभी इच्छाएं पूरी होकर ही रहती है। अगर किसी के घर में संतान सुख नहीं मिल पा रहा हो, अच्छी धन आवक नहीं हो रही हो, विपत्ति से छुटकारा नहीं मिल रहा हो या फिर कोई ऊपरी बाधा से परेशान हो तो इन चार प्रकार के धतूरों ( dhatura ) में से किसी भी एक को सावन मास में भगवान शिवजी को चढ़ा दें। ऐसी मान्यता हैं कि भोलेनाथ इस फल को चढ़ाने से तुरंत प्रसन्न होकर व्यक्ति की सभी मनोकामना पूरी कर देते हैं।
धतूरे के फल सेवफल की तरह गोल होते हैं और फल के ऊपर छोटे-छोटे कांटे होते हैं। ये धतूरे भगवान शिव को सबसे अधिक प्रिय होते है। धतूरे का फल चार प्रकार का होता है- काला, सफेद, नीला व पीला आदि।
1- धनलाभ- अगर सावन मास के किसी भी सोमवार या अमास्या के दिन धतूरे की जड़ को घर में स्थापित करके माता महाकाली का पूजन कर 'क्रीं' बीज मंत्र का 1100 बार जप करें तो उनकी धन सबंधी सभी समस्याएं दूर होने लगती है।
2- विपत्ति से रक्षा- सावन मास के अश्लेषा नक्षत्र में धतूरे की जड़ को घर में लाकर स्थापित करने से एक साथ अनेक विपत्तियों से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही घर में कभी भी सर्प नहीं आते और आयेंगे भी तो कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकते।
3- संतान सुख- कहा जाता है कि धतूरा का फल जो भी निसंतान दम्पत्ति सावन मास में श्रद्धापूर्वक संतान की कामना से किसी प्राचीन शिवलिंग पर अर्पित करते हैं, भगवान शिवजी की कृपा से उन्हें संतान सुख अवश्य मिलता ही है।
4- ऊपरी हवा से रक्षा- काले धतूरे की जड़, काले धतूरे का पौधा सामान्य धतूरे जैसा ही होता है, इसके फूल सफेद की जगह गहरे बैंगनी रंग के होते हैं तथा पत्तियों में भी कालापन होता है। अगर काले धतूरे की जड़ को सावन मास के रविवार, मंगलवार या किसी शुभ नक्षत्र में घर में विधिवत स्थापित कर लिया जाएं तो घर में रहने वाले किसी भी सदस्य के ऊपर, ऊपरी हवाओं का असर नहीं होता। घर परिवार में सुख -चैन बना रहता है तथा धन आवक में वृद्धि होने लगती है।
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