
राजस्थान में जारी पंचायती राज चुनाव 2026 के बीच धौलपुर जिले के सैपऊ के कौलारी थाना क्षेत्र से चुनावी हिंसा की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। जिले के भदियाना गांव में गुरुवार को सरपंच पद के दो प्रमुख प्रत्याशियों के परिजनों और समर्थकों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर छिड़ा विवाद अचानक खूनी संघर्ष में बदल गया। चुनाव प्रचार के दौरान आमने-सामने आए दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर जमकर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला बोल दिया। इस दौरान कई राउंड हवाई और सीधी फायरिंग होने की भी सूचना है, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीण दहशत में आ गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत भारी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और बिगड़ते हालात पर बमुश्किल काबू पाया। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही उपद्रव में शामिल कई लोग गांव छोड़कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों गुटों के करीब सात से आठ उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया है और गांव में एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, भदियाना गांव में सरपंच पद के प्रत्याशी अमर सिंह गुर्जर और दूसरे प्रत्याशी भारतवीर गुर्जर के परिजनों के बीच लंबे समय से पुरानी चुनावी व व्यक्तिगत रंजिश चली आ रही थी। गुरुवार को जब अमर सिंह के समर्थक और परिजन चुनाव प्रचार के लिए गांव की गलियों में निकले, तो अचानक उनका सामना भारतवीर पक्ष के लोगों से हो गया।
शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और कहासुनी से गाली-गलौज शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों तरफ से छतों और रास्तों से एक-दूसरे पर भारी पथराव शुरू कर दिया गया। पत्थरों की बारिश होने से राहगीरों और आसपास के लोगों ने अपने-अपने घरों के दरवाजे बंद कर खुद को सुरक्षित किया।
इस पूरी खूनी भिड़ंत और उपद्रव का एक खौफनाक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। वायरल वीडियो में एक युवक अपने मकान की छत पर खड़े होकर खुलेआम हाथ में तमंचा (अवैध हथियार) लहराता और दूसरे पक्ष को धमकाता हुआ नजर आ रहा है। इसके साथ ही गांव की गलियों में गोलियों की आवाज से सनसनी फैल गई।
चुनावी संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में पहले से ही पुलिस गार्ड की तैनाती की बात कही जा रही थी, इसके बावजूद प्रत्याशी के समर्थकों ने कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए सरेआम हथियार लहराए और पथराव किया।
घटना के बाद सैपऊ क्षेत्राधिकारी (CO) मनोहर लाल मीणा ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि भदियाना गांव में चुनावी रंजिश को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था। पुलिस की त्वरित नाकाबंदी और कार्रवाई के चलते अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और गांव में शांति कायम कर ली गई है।
सीओ मनोहर लाल मीणा ने स्पष्ट किया, 'दोनों पक्षों के करीब 7 से 8 असमाजिक तत्वों और उपद्रवियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अवैध हथियार लहराने वाले और फायरिंग में शामिल आरोपियों की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जा रही है। चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और गश्त बढ़ा दी गई है।'
पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि चुनाव के दौरान भय या दहशत का माहौल बनाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट व अन्य संगीन धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।