Boiled chana or Soaked chana: चना खाना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। लोग अक्सर इसका सेवन सुबह के समय करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है भीगा चना और उबला चना में कौनसा ज्यादा फायदेमंद है।
Boiled chana or Soaked chana: जब भी सेहत बनाने की बात आती है तो वेज लोगों को चना खाने के बारे में बताया जाता है। जिम जाने वाले लोग हो या अखाडे वाले लोग सब के लिए चना एक सर्वश्रेष्ट विकल्प में से एक होता है। लोग ज्यादादतर भीगा हुआ चना ही खाते हैं। लेकिन कई लोग इसे भुन कर खाते हैं तो कई इसे उबालकर खाते हैं। लेकिन जब हम इसे अलग अलग तरीके से खाते हैं तो क्या इनकी पौष्टिकता पर प्रभाव पड़ता है। आज हम इस लेख मे जानेंगे की कौनसा चना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
भीगे हुए चने पोषक तत्वों का एक समृद्ध स्रोत होते हैं, विशेष रूप से जब ये अंकुरित होते हैं। ये आपकी सेहत के लिए किसी सुपरफूड से कम लाभकारी नहीं होते। ये भुने हुए चने की तरह ही शरीर को मजबूती प्रदान करते हैं और डायबिटीज, हृदय रोग, और कैंसर जैसे खतरों से बचाते हैं। इसके अलावा, ये आपको एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में भी सहायता करते हैं। हालांकि, यदि आपको डाइसेज की समस्या है, तो इनका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए, अन्यथा आपको समस्या हो सकती है।
उबले हुए चने भी आपको वही लाभ प्रदान करते हैं जो भीगे हुए और सूखे भुने चने देते हैं। लेकिन यह ध्यान रखना आवश्यक है कि आप इन उबले हुए चनों में वसा या अन्य मसाले न मिलाएं। ऐसा करने से उनके पोषक तत्वों की मात्रा कम हो जाती है और आपको वही लाभ नहीं मिल पाता जो केवल उबले चनों से मिलता है। इसलिए, आप अपनी पसंद के अनुसार चने खा सकते हैं, क्योंकि ये आपकी सेहत के लिए किसी जादुई प्रभाव से कम नहीं हैं।
चना एक ऊर्जा से भरपूर आहार माना जाता है। इसमें प्रोटीन की प्रचुरता होती है और यह पोषक तत्वों से समृद्ध होता है। चने में प्रोटीन, फाइबर, खनिज और फैटी एसिड होते हैं। यह विटामिन बी का भी एक उत्कृष्ट स्रोत है। नियमित रूप से चना खाने से मांसपेशियों और हड्डियों की मजबूती बढ़ती है। डायबिटीज के रोगियों के लिए चना अत्यंत लाभकारी है। प्रतिदिन एक मुट्ठी चना खाना सेहत के लिए आवश्यक है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।