किसानों को लाखों का हुआ नुकसान, आग लगने का कारण अज्ञातडिंडौरी. करंजिया के ग्राम पंचायत भलखोहा में खलिहान में रखी फसल आग लगने से जलकर खाक हो गई। एक ही परिवार के तीन किसानों ने अपने 11 एकड़ की खेत से मसूर, मटर, बटरी और तिषड़ा की फसल काटकर खलिहान में रखी थी। अचानक आग […]
किसानों को लाखों का हुआ नुकसान, आग लगने का कारण अज्ञात
डिंडौरी. करंजिया के ग्राम पंचायत भलखोहा में खलिहान में रखी फसल आग लगने से जलकर खाक हो गई। एक ही परिवार के तीन किसानों ने अपने 11 एकड़ की खेत से मसूर, मटर, बटरी और तिषड़ा की फसल काटकर खलिहान में रखी थी। अचानक आग लगने से जलकर खाक हो गई। इस घटना किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार सुदामा बाई धुर्वे, काशीराम धुर्वे और शिवकुमारी धुर्वे ने अपनी 11 एकड़ की तैयार फसल को काटकर गहाई के लिए एक ही खलिहान में रखी थी। किसान रंगोत्सव पर्व के बाद फसलों का गहाई करने वाले थे। इसी दौरान आग लगने से सब खाक हो गया। इस दौरान आसपास के लोगों ने दमकल विभाग को घटना की जानकारी दी। साथ ही अपने-अपने घरों से पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन उनका यह प्रयास सफल नहीं हुआ, जबतक दमकल की टीम खलिहान पहुंचती तब तक पूरा फसल नष्ट हो चुका था।
घटना के बाद से ही पीडि़त किसानों का रो-रोकर बुरा हाल है। खासकर महिलाएं खुद पर काबू नहीं रख पा रही हैं। महिला किसानों का कहना है कि इस बार शीतकालीन वर्षा नहीं होने से पैदावार प्रभावित हुई है। फसलों की स्थिति ठीक नहीं थी। खेतों में जो उगा उसे काटकर ले आए थे। उम्मीद थी कि बीज और लागत वापस मिल जाएगा। लेकिन ऐन वक्त में आग ने सारे सपने तोड़ दिए। अब परिवार का पालन पोषण, लोगों की देनदारी कैसे अदा होगी इसकी चिंता सता रही है।
किसान काशीराम धुर्वे ने बताया कि वह बैंक से किसान के्रडिट के माध्यम से 70 हजार रूपए का कर्ज लेकर फसलों के लिए खाद, बीज और सिंचाई का इंतजाम किया था। फसल की स्थिति ठीक थी। यदि यह घटना नहीं होती तो करीब करीब 40 क्विंटल के आसपास अनाज मिलता। मसूर, बटरा, तिषड़ा, मटर सब जलकर खाक हो गया है। अब परिवार के भरण पोषण की भी चिंता सता रही है, साथ ही बैंक का कर्जा कैसे अदा होगा। किसान ने बताया कि खेती के अलावा उनके पास आय का कोई दूसरा साधन भी नहीं हैं।