
डिंडोरी. मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के अंतरगत आने वाले जीके के बजाग विकासखंड के ग्राम पंचायत शोभापुर के पोषक गांव करवेमट्टा में शनिवार को सरकारी नलकूप खनन के दौरान निकली पानी की तेज धार इलाके के लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया है। लोग इस घटना को इसलिए भी चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं क्योंकि ये नलकूप देवी स्थान के करीब खोदा गया है, जिससे बिना मोटर ही पानी का करीब 30 फुट ऊंचा फव्वारा निकल रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का दौर शुरु हो गया है।
ग्राम के ही कालीचरण पिता सम्मेसिंह मरावी के खेत के पास हैंडपंप खनन का कार्य चल रहा है। 'जल जीवन मिशन' के तहत ये नलकूप कराया जा रहा था। नलकूप कर रहे कर्मचारियों की मानें तो लगभग बारह पाइप लग चुके थे और आगे की खुदाई के लिए काम जारी था। शनिवार को सूर्यास्त के बाद अचानक पाइप के अंदर से पानी की तेज धारा निकलने लगी और देखते ही देखते ये धार अपने पूरे वेग से लगभग तीस से चालीस फुट ऊपर तक उठने लगी, जो अब भी लगातार जारी है, जिसे देखने बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठी होने लगी।
इस घटना को चमत्कार से जोड़ रहे लोग
बताया जा रहा है कि, यहां पूर्व में भी ऐसा ही एक मामला नलकूप खनन के दौरान सामने आया था। तब लोगों ने उस स्थान का धार्मिक महत्व मान पूजा पाठ और नारियल चढ़ावा देने पहुंचने लगे थे। काफी दिनों तक लोग आते जाते रहे। नर्मदा नदी तट का किनारा और करवेमट्टा धार्मिक स्थल होने के साथ वर्तमान की घटना को भी लोग धार्मिक चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, अभी यहां सामान्य स्थिति है। फिर भी ग्रामीणों में इस घटना को चमत्कार से जोड़ने की सुगबुगाहट टल रही है। बहरहाल पानी के तेज धारा निकलने के पीछे के तथ्य और कारणों की अबतक कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकी है।