
शहपुरा। बिलगांव मध्यम सिंचाई परियोजना के माईनर नहर निर्माण का कार्य सारथी कांस्ट्रक्शन कम्पनी के द्वारा किया जा रहा है। जिसमें अनेको त्रुटिया उनके व्दारा की गई है। जैसे नहर निर्माण के समय वर्षा का जल भराव वाले क्षेत्रो में जल निकासी हेतू वांछित स्थानो पर पुल पुलिया का निर्माण नहीं किया गया है जिससे वर्षा के जल भराव के कारण कृषको को फसल क्षति पहुंची है तथा रवि फसल के समय बांध से पानी छोडने से नहर के जगह-जगह टूटने के कारण गेंहू ,चना ,मसूर ,मटर की फसलो को क्षति हुई है। मामले मे एसडीएम शहपुरा अमित बम्हरोलिया ने ठेकेदार कम्पनी सारथी नोटिस देकर निर्देशित करते हुए कहा है कि निर्माण कार्य के दौरान भू अर्जन नियमो से हटकर जो भी क्षति हुई है उसकी पूर्ण जवाबदारी निर्माण एंजेसी की होगी। इसलिए नहर से हुई 9 ग्रामों की फसल क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान अनुविभागीय अधिकारी विलगांव मध्यम परियोजना नहर उपसभांग शहपुरा से संपर्क कर भुगतान करे अन्यथा भूगतान न करने की स्थिति मेें सारथी कांस्ट्रक्शन के विरूद्व प्रतिबंधात्मक कार्यवाही प्रस्तावित कर उच्चाधिकारियो को भेजी जावेगी।
निर्माण कार्य की गुणवता पर उठ रहे सवाल
नोटिस मे वर्णित है कि रवि फसल के समय बांध से पानी छोडे जाने से नहर के जगह जगह टूटने से हुई। जिससे जूडी अनेको शिकायते कृषको के व्दारा प्राप्त हुई है जो कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्न चिन्ह खडा कर रहा है एंव शासन पर क्षति पूर्ति का अतिरिक्त भार पड रहा है। जबकि उपरोक्त लापरवाही बरतने पर निर्माण एजेंसी उत्तरदायी है जब तक कि निर्माण कार्य पूर्ण कर विभाग को न सौप दिया जांए। साथ ही नोटिस में सर्वे कार्य निर्माण एंजेसी से अनुबंधित होने के बाद भी कृषको की भूमि पर स्थित परिसंपत्ति व्रक्ष, पौधो को कम्पनी व्दारा क्षति पहुंचाने व मुआवजा न दिए जाने का जिक्र भी किया गया है।
किसान मुसीबत मे,पर विभाग लापरवाही बरतने मे मस्त
एसडीएम शहपुरा अमित बम्हरोलिया ने 24 सितम्बर को ठेकेदार कम्पनी सारथी कस्ट्रक्शन को नोटिस जारी कर नौ ग्रामो के किसानो को क्षतिपूर्ति देने के निर्देश दिए। इससे जूडी प्रतिलिपि विभाग के कार्यपालन यंत्री डिंडोरी, अनुविभागीय अधिकारी बिलगाव मध्यम परियोजना नहर उपसंभाग शहपुरा को भेजी गयी थी। परन्तु एसडीएम के पत्र व किसानो को हुए नुकसान की जानकारी के बाद भी विभाग मामले मे लापरवाह बना हुआ है 30 सितम्बर को जब इस संबंध में विभाग के एसडीओ जेएल बघेल से जानकारी चाही गयी तो उन्होने कहा कि अभी मामले मे ई साहब से बात करके ही कूछ कह सकता हू साहब के उपरोक्त कथन से जाहिर होता है कि आखिरकार जिले का जल संसाधन विभाग किसानो को लेकर कितना सजग है।
मुसीबत से कम नही नहर लाईनिगं
किसानो के लिए ये नहरे सिरदर्द बन गई है नहरो के निर्माण प्रारंभ होने के साथ ही किसान फसलों की बुवाई के बाद कटाई नहीं कर पा रहे हैं। जिसकी शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नही की जा रही है। कुछ ऐसी ही स्थिति कंचनपुर नहर लाईन का भी है। जहां पर कृषक अंगद कछवाहा पिता मुरलिया कछवाहा निवासी बांकी ,पुरूषोत्तम लाल पिता मुरलिया कछवाहा ,खसरा नं 1077 साथ ही रामनाथ बनवासी निवासी बांकी ,इनका खेत कंचनपुर ग्राम के रास्ते में है जहां नहर लाईन की उंचाई करीब तीस से पैतीस फिट है और निचाई के तरफ इन लोगो का खेत है। जहां पर रबी की फसल में सभी ने मसूर की फसल बोई थी और उसी समय नहर का निर्माण कार्य चल रहा था और पानी छोड दिया गया। जिससे पानी रिस कर उनके खेतो में घुस गया और फसल पूरी तरह से बरबाद हो गई। जिसकी शिकायत करने के बाद पटवारी ने मौका मुआयना मो किया लेकिन नुक्शानी का भुगतान नहीं किया गया।