जिले की नदियों से धड़ल्ले से रेत निकालकर किया जा रहा परिवहन
डिंडोरी. मध्य प्रदेश राज्य खनिज निगम भोपाल के माध्यम से 30 मई को जिले की चार बडी खदानों दीवारी 1, कमको मोहनिया, मूसामुण्डी, दीवारी 2 का अनुबंध मेसर्स केपीएस भदौरिया से जिन शर्तों के आधार पर किया गया। उनमें से ठेकेदार द्वारा खदानों पर किसी भी तरह का पालन नही किया जा रहा। इसके अलावा उक्त चारों रेत खदानों में से ठेकेदार द्वारा जिले की महज एक खदान की ईटीपीली गई। जिसका उपयोग वह जिले की अन्य रेत खदानों में भी कर रहा है। हाल ही में कमको मोहनिया डम्फर मामला इसका ज्वलंत उदाहरण है। जबकि अनुबंध में यह स्पष्ट है कि यदि ठेकेदार नियत तारीख की किश्तों को जमा करने में असफल रहता है तो आवंटित समूह की खदान की ईटीपी बंद कर दी जायेगी और खदान संचालन को रोक दिया जायेगा। लेकिन बडा सवाल यह है कि यदि ठेकेदार ने नियत समय पर किश्त जमा कर दी है तो फिर बाकी की खदानों की ईटीपी जारी क्यों नही की गई और यदि ईटीपी जारी नही हुई इसका मतलब सिया की स्वीकृति ना मिलना भी हो सकता है। खनिज विभाग भी जानकारी देने से कतरा रहा है। जिसे लेकर विभागीय अधिकारी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
खदान में उतरी जब्त मशीने
उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति धुर्वे ने खदान के निरीक्षण में नदी के बीचों-बीच एक पोकलेन और जेसीबी मशीन को चलते पाया था। जबकि इससे पहले जांच दल के प्रमुख अधिकारी ने कार्यवाही करते हुये मौके से दो मशीनों की जब्ती बनाये जाने की बात स्वीकार की थी। फिर सोमवार को जब्ती की कार्यवाही के बाद मंगलवार को वही मशीन आखिर किसके इशारे पर खदान में उतरी यह जांच का विषय है। जबकि उक्त कार्यवाही में अमरपुर पुलिस, राजस्व पटवारी और खनिज विभाग की संयुक्त भूमिका थी।
स्वास्थ्य व सुरक्षा से भी खिलवाड़
अनुबंध के बिंदु क्रमांक 14 में ठेकेदार द्वारा खदान में कार्य कर रहे व्यक्तियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के समुचित उपाय करने के लिये आबद्ध होगा का जिक्र किया गया है। लेकिन इस कोरोना संक्रमण काल मे भी खदानों पर कार्य कर रहे व्यक्तियों के लिये कोई व्यवस्थाएं नही की गई है। जबकि मौके पर प्रशासनिक कार्यवाही के बावजूद लगातार अन्य जिलो से भी वाहन चालकों की आवाजाही बनी हुई है। फिर कुछ स्थानीय मजदूर भी खदान में कार्य कर रहे है। जिनमे कोरोना संक्रमण के खतरे का अंदेशा बना है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने उठाए सवाल
जिला पंचायत अध्यक्ष के बयान के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष वीरेंद्र बिहारी शुक्ला भी सोशल मीडिया पर सक्रिय नजर आय और मामले की गंभीरता को देखते हुये जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से खनिज विभाग की मिलीभगत, ठेकेदार के गुर्गों द्वारा बंदूक की नोक पर अवैध खनन और लगाये गये आरोपो पर कार्यवाही कर अवैध खनन में लिप्त लोगों पर आपराधिक मामला दर्ज किये जाने का जिक्र किया है।
इनका कहना है ..
जानकारी मेरे संज्ञान में भी है, उक्त मामले में शीघ्र ही न्यायोचित कार्यवाही की जायेगी।
हितेश बिसेन, खनिज निरीक्षक