जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा सरकार को बदनाम करने की साजिश
डिंडौरी। सोमवार को अचानक ही जिले की दीवारी 2 रेत खदान पर पुलिस एवं राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त कार्रवाई अब सवालों के घेरे में है।इसके अलावा जिले की दूसरी बड़ी खदान कमको मोहनिया क्षेत्र से भी एक रेत से भरा डंपर जब्त किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। जिसके बारे में यह बताया जा रहा है कि पकड़े गये कमको मोहनिया के डंपर में दीवारी . 2 की रॉयल्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है। जब मीडिया यह सब जानकारी लेने खनिज निरीक्षक के पास पहुंची तो उनका कहना था कि वह अनुबंध नहीं ंदिखा सकते और जारी की गई रॉयल्टी के बारे में कोई जानकारी नही है। बल्कि वह अब सारा ठीकरा कारपोरेशन पर फोड़ते नजर आ रहे हैं। इसके पहले भी खनिज निरीक्षक के बंद कमरे में बैठकर किये जा रहे कार्यालय संचालन पर सवाल उठते रहे है।
अवैध खनन से जुड़े मामले में निरीक्षण दल प्रभारी के बताये अनुसार अब नई बात सामने आ रही है। वह यह कि खबरों को संज्ञान में लेकर मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष खदान तक पहुंची थी। इसके बाद खनिज विभाग की टीम भी प्राप्त शिकायतों का निरीक्षण करने मौके के लिये रवाना हुई। और इसी दौरान जब दल बीच रास्ते मे था तो निरीक्षण दल प्रभारी के पास जिला अध्यक्ष का फोन आता है कि मौके पर ऐसा कुछ नही है। आप प्लान करके यहाँ पर आये।
जब इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति प्रकाश धुर्वे से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि वह क्षेत्र के भ्रमण पर थी। इसी दौरान उन्हें जानकारी प्राप्त हुई तो वह खदान जा पहुंची। जहाँ पर एक जेसीबी और पोकलेन मशीन लगी हुई थी। जो मुझे देखते ही नदी के बीचों बीच दौड़ती रही और किनारे पर जाकर खड़ी हो गई थी।दरअसल मैने नेट पर पढ़ा था कि कांग्रेसियों द्वारा जिले में चल रही रेत खदान को लेकर भाजपा सरकार को बदनाम किया जा रहा है। इसके अलावा ठेकेदार का एक शख्स भी यह दावा कर रहा है कि उसने नीचे से लेकर ऊपर तक बैठे सभी नेताओं को खरीद रखा है और फिर जिले में बैठे जिला अधिकारी भी इस पूरे कारोबार में इनके सांथ संलग्न है।जिला पंचायत अध्यक्ष के बताये अनुसार उन्होंने डिंडौरी कलेक्टर के अलावा प्रदेश अध्यक्ष से भी इस सिलसिले में विस्तार से चर्चा की है। और यह जानकारी भी संज्ञान में आई है कि ठेकेदार के गुर्गे खदान पर हथियारों से लेस रहते है। ऐसे में प्रभारी दल के निरीक्षक ने भी बताया कि कार्रवाई करने में उनके मन मे भय बना रहता है। फिर मैंने ही उन्हें यह भी बताया कि अब आपके मौके पर जाने की कोई आवश्यकता नहीं है।और अब आप पूरे अमले के सांथ रात में कार्रवाई करने जाना। चूंकि अब मौके पर सात डंपर भी खड़े थे। स्वाभाविक है उन्हें रात में ही भरा जायेगा।लेकिन जब वह वापस समनापुर पहुंची तो ग्रामीणों ने बताया कि मशीने पुन: नदी में उतर गई हैं।