कोरोना संक्रमण के कारण इस साल बारिश का महत्व और भी बढ़ा
डिंडोरी. जिले में गुरुवार को दोपहर अचानक मौसम बदला और बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक रिमझिम फुहारों ने नगर को अपनी आगोश में लेकर तर कर दिया। इस बरसात से शहर की सड़कें तरबतर हो गईं और नागरिकों को गर्मी से थोडी राहत मिली। इससे पहले भी रुक-रुककर हुई वर्षा से मां नर्मदा का जलस्तर बढ गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के किसान आगामी फसलों के लिए बारिश को अमृत की बूंदें मान रहे हैं।
उनका कहना है कि कोरोनावायरस संक्रमण, लॉकडाउन समेत बीते महीनों में हुई बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि ने फसलें नष्ट कर दी हैं। लिहाजा अब जून से लेकर सितंबर तक 04 महीने की मानसूनी बारिश अर्थव्यवस्था के लिए मरहम साबित हो सकती है। डिंडोरी में 11 जून को दिन का अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम तापमान 24 दर्ज किया गया। पैदावार बढियिा रही तो खाद्य पदार्थों की कीमतें कम रहेंगी। इससे आम आदमी को राहत मिलेगी। मानसूनी बारिश से खरीफ फसलों को निश्चित तौर पर लाभ होगा। साथ ही रबी सीजन यानी सर्दियों में बोई जाने वाली फसलों के लिए भी मिट्टी को नमी मिल जाएगी। बढिया बारिश हुई तो किसानों को खेती के लिए पर्याप्त पानी मिल पाएगा। कोरोना वायरस के कारण देश में करोड़ों लोगों को अपनी रोजी.रोटी से हाथ धोना पड़ा है। इसलिए यह मानसून और ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। इससे देश में खुशहाली आएगी और कोरोना के दिए गए जख्म भी कुछ हद तक भर जाएंगे।