कलेक्टर के चार टोला भ्रमण के दौरान मिले थे अनुपस्थितडिंडौरी. रविवार की देर शाम जिला पंचायत सीईओ विमलेश सिंह ने मेहंदवानी जनपद सीईओ प्रमोद कुमार ओझा को कारण बताओ नोटिस और सूरजपुरा ग्राम पंचायत सचिव सुभाष मार्को को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। कलेक्टर हर्ष सिंह रविवार को चार टोला गांव में उल्टी […]
कलेक्टर के चार टोला भ्रमण के दौरान मिले थे अनुपस्थित
डिंडौरी. रविवार की देर शाम जिला पंचायत सीईओ विमलेश सिंह ने मेहंदवानी जनपद सीईओ प्रमोद कुमार ओझा को कारण बताओ नोटिस और सूरजपुरा ग्राम पंचायत सचिव सुभाष मार्को को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। कलेक्टर हर्ष सिंह रविवार को चार टोला गांव में उल्टी दस्त से हुई एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत के बाद गांव में निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान सीईओ और सचिव दोनों अनुपस्थित रहे। जिला पंचायत द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि 14 अगस्त को चार टोला गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत उल्टी दस्त से हुई थी। 18 अगस्त को कलेक्टर गांव में निरीक्षण करने पहुंचे थे उस समय जनपद सीईओ प्रमोद कुमार ओझा और सचिव सुभाष मार्को बिना अनुमति के अनुपस्थित रहे जबकि जनपद के अन्य ग्रामों में भी उल्टी दस्त के मरीज है कुछ स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती है। सचिव ने ग्राम पंचायत क्षेत्र में साफ सफाई और उपचार संबंधी भी कोई प्रयास नहीं किया। संक्रमण अवधि में बिना जानकारी दिए अनुपस्थित रहना कदाचरण की श्रेणी में आता है। इसलिए जनपद सीईओ का 17, 18, 19 अगस्त के मासिक वेतन में कटौती कर तीन दिन में जवाब पेश करने का आदेश जारी किया गया। वहीं सचिव सुभाष मार्को को निलंबित कर मेंहदवानी जनपद मुख्यालय में अटैच किया गया है।
संक्रमण से दो दर्जन मौतें दर्ज
आदिवासी बाहुल्य जिले में उल्टी दस्त के संक्रमण की चपेट में आने से अब तक लगभग दो दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि दो सैकड़ा से ज्यादा चिन्हित संक्रमितों का ईलाज स्वास्थ्य केंद्रों में किया जा रहा है। गौरतलब है कि जिले में सात जुलाई को डायरिया के लक्षणों से पहली मौत दर्ज की गई थी जिसके बाद संक्रमण ने लगातार पैर पसार लिए और स्वास्थ्य महकमा बीमारी पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हुआ। मौतों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछली 5 जुलाई से अमरपुर विकासखंड अंतर्गत मनोरी गाँव में नौ, बजाग ब्लॉक के बिंझोरी में तीन, शहपुरा के सीधो में एक और देवरीकला में दो, बल्लारपुर, घेवरी और खरीडीह में एक की मौत उल्टी दस्त से हुई है। इस बीच मेडिकल कॉलेज से आई बारह सदस्यों वाली एक्सपर्ट टीम ने डायरिया की आशंका के कारण मनोरी, सारंगगढ़, बिंझोरी, देवरीकला सहित अन्य संक्रमित बसाहटों से स्टूल, फूड और पानी के सेंपल माइक्रो बायलोजिकल, पैथालॉजीकल और कल्चरल जांच के लिए उच्च जाँच केंद्र भेजे गये हैं। प्रथम दृष्टया टीम ने बीमारी की वजह दूषित पानी के सेवन को बतलाया है लेकिन जिले के अलग अलग क्षेत्रों में हुई मौत के बाद दूषित पानी के सेवन की दलील पर भी सवाल उठ रहे हैं।