प्रभावित हो रही पढ़ाई, शासकीय हायर सेकण्ड्री विद्यालय गोरखपुर का मामलागोरखपुर. जनपद पंचायत करंजिया अंतर्गत कस्बा गोरखपुर में संचालित विद्यालयों में विषयवार नियमित शिक्षकों की पदस्थापना न होने से अध्ययन कार्य प्रभावित हो रहा है। इसे लेकर स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्रीय सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते एवं प्रभारी मंत्री प्रतिमा बागरी के नगरामन के दौरान कई वर्षों […]
प्रभावित हो रही पढ़ाई, शासकीय हायर सेकण्ड्री विद्यालय गोरखपुर का मामला
गोरखपुर. जनपद पंचायत करंजिया अंतर्गत कस्बा गोरखपुर में संचालित विद्यालयों में विषयवार नियमित शिक्षकों की पदस्थापना न होने से अध्ययन कार्य प्रभावित हो रहा है। इसे लेकर स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्रीय सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते एवं प्रभारी मंत्री प्रतिमा बागरी के नगरामन के दौरान कई वर्षों से प्राचार्य सहित विषयवार शिक्षकों की पदस्थापना की मांग की थी। काफी मशक्कत के बाद विभाग ने यहां दो शिक्षक पदस्थ किए थे। इनमें से एक शिक्षक 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं वहीं दूसरे ने अब तक ज्वाइन ही नहीं किया है। वहीं विभागीय अधिकारियों ने भी अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया है। जनप्रतिनिधियों के समक्ष मांग रखे लगभग दो माह से अधिक समय बीतने को है और अब तक इस पर कोई पहल नहीं की गई। शिक्षकों की कमी के चलते छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकार में है। इसे लेकर विद्यार्थियों के साथ अभिभावक भी चिंतित हैं।
प्रभारी प्राचार्य के भरोसे व्यवस्था
विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था व प्रबंधन प्रभारी प्राचार्य के भरोसे है। बताया जा रहा है कि माध्यमिक से हायरसेकण्ड्री तक की कक्षाओं के साथ ही अन्य गतिविधियों के संचालन के लिए यहां 25 पद स्वीकृत हैं। इनमें से वर्तमान में माध्यमिक शाला में सिर्फ 1 शिक्षक, हायर व हाईस्कूल में तीन आट्र्स और 1 विज्ञान विषय की शिक्षिका पदस्थ हैं। विद्यालय में रिक्त पदों पर अब तक शिक्षकों व अन्य रिक्त पदों पर भर्ती नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से विद्यालय में जीव विज्ञान, रसायन शास्त्र, साइंस, गणित, अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं है।
ग्रामीणों में आक्रोश
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में लगातार गिर रहा शिक्षा का स्तर चिंता का विषय अना हुआ है। इसे लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने मिल रहा है। अधिकारियों से लेकर जन प्रतिनिधियों तक अपनी समस्या रखने के बाद भी इसका समाधान अब तक नहीं हो पाया है। स्कूल के मौजूदा हालात को लेकर जहां अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य तथा शिक्षाध्ययन को लेकर चिंतित हैं वहीं विभाग और जवाबदारों की उदासीन कार्यप्रणाली से नाराज भी हैं। सरकार शासकीय स्कूलों की दिशा दशा सुधारने हर संभव प्रयास कर रही हैं। पर्याप्त बजट के साथ तमाम संसाधन भी उपलब्ध हैं। इसके बाद भी शासकीय स्कूलों में पढ़ाई का माहौल नहीं है। अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अविलंब रिक्त पदों पर शिक्षकों की पदस्थापना की जाए।
इनका कहना है
शिक्षकों की पदस्थापना के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष मांग रखी थी। विभाग ने तात्कालिक व्यवस्था बनाने का प्रयास किया था, लेकिन वह असफल हो गया। जिन शिक्षकों की यहां पदस्थापना की गई थी, उनमें से एक ने ज्वाइन ही नहीं किया और दूसरे शिक्षक 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। यह मामला मुख्यमंत्री के सामने गंभीरता से रखा जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होना आवश्यक हैं। विद्यालय में नियमित शिक्षकों के साथ ही अन्य स्टॉफ की पदस्थापना की जाए। यदि सरकार व्यवस्था नहीं कर पाती तो जनआंदोलन किया जाएगा।
ओंमकार मरकाम, क्षेत्रीय विधायक