अब तक 18 मामले हो चुके हैं दर्जडिंडौरी. रेत नाका में कर्मचारियों के साथ मारपीट करने के मामले में आरोपी जनपद पंचायत अध्यक्ष करंजिया के विरुद्ध जिला दंडाधिकारी ने जिला बदर का आदेश जारी किया है। जारी आदेश के मुताबिक आरोपी चरण सिंह का एक साल की अवधि के लिए डिंडौरी सहित आसपास के जिलों […]
अब तक 18 मामले हो चुके हैं दर्ज
डिंडौरी. रेत नाका में कर्मचारियों के साथ मारपीट करने के मामले में आरोपी जनपद पंचायत अध्यक्ष करंजिया के विरुद्ध जिला दंडाधिकारी ने जिला बदर का आदेश जारी किया है। जारी आदेश के मुताबिक आरोपी चरण सिंह का एक साल की अवधि के लिए डिंडौरी सहित आसपास के जिलों की सीमाओं में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक चरण सिंह पर लगभग 18 मामले दर्ज हैं। इनमे अधिकतर मारपीट और गुंडागर्दी के आरोप हैं। पिछले रविवार को भी जनपद अध्यक्ष ने अपने साथियों के साथ करंजिया थानांतर्गत बुंदेला गांव स्थित अस्थाई रेत नाका पर पहुंच रेत ठेकेदार के कर्मचारियों के साथ मारपीट और तोडफ़ोड़ की वारदात को अंजाम दिया था। शिकायत पर करंजिया थाना में आरोपी जनपद अध्यक्ष चरण सिंह धुर्वे सहित अन्य के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था। ठेकेदार के कर्मचारी संग्राम सिंह ने शिकायत में बताया था कि रविवार की सुबह वह अपने साथी जोगेंद्र सिंह तोमर, सतेंद्र तिवारी के साथ रुसा बुंदेला के अस्थाई रेत नाके में था। इसी दौरान जनपद अध्यक्ष करंजिया चरण सिंह, जनपद सदस्य मुधवन धुर्वे के साथ अन्य लोग नाके पर पहुंचे और गाली गलौज करते हुए मारपीट करने लगे। शिकायतकर्ता के मुताबिक जब वे जान बचाकर भागे तो आरोपियों ने बाइक से उनका पीछा किया और मारपीट की थी। पुलिस ने आरोपी चरण सिंह धुर्वे सहित तीन अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। इसकी जानकारी लगते ही चरण सिंह फरार हो गया था, जिसकी तलाश जारी है। जिला दंडाधिकारी डिंडौरी ने पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर चरण सिंह धुर्वे 46 वर्ष निवासी ग्राम तरेरा थाना करंजिया के विरूद्ध जिला डिंडौरी सहित समीपवर्ती राजस्व जिला मंडला, जबलपुर, उमरिया, अनूपपुर, शहडोल एवं छत्तीसगढ़ के जिला जीपीएम अर्थात गौरेला, पेंड्रा, मरवाही जिले की चतुर्दिक राजस्व सीमाओं से एक वर्ष की अवधि के लिए जिला बदर की कार्रवाई की है। आदेश के मुताबिक चरण सिंह का इन सभी जिलों में प्रवेश प्रतिबंधित होगा। आदेश में कहा गया है कि चरण सिंह द्वारा लगातार आम जनता व अधिकारी कर्मचारियों को भयभीत करना, शासकीय कार्यालय में घुस कर गाली गलौच जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। इसे लेकर प्रतिबंधात्मक एवं समय समय पर वैधानिक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। इसके बाद भी गतिविधियों में कोई सुधार नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में थाना प्रभारी करंजिया का पत्र संलग्न है। इसमें चरण सिंह के विरुद्ध विगत् वर्षों में लगातार अपराधिक गतिविधियों के संदर्भ में प्रकरण दर्ज किए गए हैं। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर अनावेदक के विरुद्ध अधिनियम की धारा 14 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को जिला दंडाधिकारी ने चरण सिंह धुर्वे के विरुद्ध जिला बदर का आदेश जारी कर दिया है। मामले में लंबे समय से सुनवाई चल रही थी। इसके पूर्व 2018 में तत्कालीन डीएम ने भी जिला बदर किया था। चरण सिंह पर इंजीनियर, एसडीओ, लिपिक सहित वन अमले को धमकाने और मारपीट की वारदात करने के मामले दर्ज हैं। सख्त कार्रवाई नहीं होने की वजह से उसके हौंसले बुलंद हो गए और वह लगातार वारदातों को अंजाम देता रहा।