
दुर्ग. सजायाफ्ता और विचाराधीन बंदियों क ो जेल में न्यायालय के निर्देश पर रखा जाता है लेकिन उन्हें सुविधाएं देने के लिए जेल के कर्मचारी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तर्ज पर काम करते है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि जेल के अंदर इस तरह से लाखों का कारोबार होता है।
जेल में कैद गैगस्टर तक शाही पकवान के सामान किसी माल वाहक में नहीं बल्कि कचरा गाड़ी से लगातार पहुंच रहा था। सुबह कचरा लेने जेल के अंदर जाने वाले गाड़ी मे सामन लोड रहता था। वापस लौटते समय गाड़ी कचरा लेकर आती थी। कचरा गाड़ी की वजह से गेट पर खड़े कर्मचारी उसे चेक नहीं करते थे।
जेल के अंदर बॉबी संभालता है मैंनेजमेंट
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि गैगस्टर तपन सरकार का जामुल हाउसिंग बोर्ड निवासी गुर्गा बॉबी उर्फ विद्युत चौधरी जेल के अंदर का मैनेजमेंट सभालता है। गांजा, बीड़ी, शराब जेल में बंद नशे के आदी कैदियों को सप्लाई करता है। यह सभी सामग्री राशन के सामान के साथ सप्लाई किया जाता है।
जेल के अंदर यदि कोई कैदी विरोध करता है तो गैगस्टर तपन का गुर्गा खुर्सीपार निवासी पिताम्बर उसकी पिटाई करता है। पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि कलेक्शन से लेकर हिसाब किताब की जिम्मेदारी केन्द्रीय जेल के एक अधिकारी की होती है। गैंगस्टर तपन सरकार के कारनामे सार्वजनिक होने के बाद कानून व्यवस्था की पोल ही खुल गई। यह मामला अब पुलिस की जांच का मुख्य बिन्दु बन चुका है।
जेल से कुछ दिन पहले रिहा हुए बंदी भी कहते हैं कि जेल के अंदर तो बिना जीएसटी के सामानों का इतना रेट है कि उसे खरीदने से पहले सौ बार सोचना पड़ता है। सामान खरीदना और सुविधाओं के एवज में मोटी रकम देना बंदियों की मजबूरी होती है। सुबह नहाने के लिए भी साफ सुथरा जगह के लिए कीमत देना होता है।
एक स्कूल संचालक ने की थी तपन से बात
जेल के अंदर से गैंग संचालित करने वाले तपन सरकार के मोबाइल से हुई बातचीत की सूची बनाई तो पुलिस भी हैरान रह गई। सूची में शामिल शहर के नामी स्कूल संचालक से पुलिस ने पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि तपन सरकार से किसी तरह का संबंध नहीं है।
तपन से इसलिए फोन पर बात हुई कि उसके परिवार के सदस्य का कातिल सेंट्रल जेल में है। उन्होंने तपन से केवल इतना ही कहा कि जेल में निरुद्ध आरोपी को चैन से न रहने दिया जाए। हालांकि इस काम के लिए तपन सरकार ने कितने रुपए लिए इसका खुलासा नहीं हुआ है।
माओवादी भी रखे गए हैं सेंट्रल जेल में
दुर्ग सेंट्रल जेल में १७०० से अधिक बंदी निरुद्ध है। इसमें माओवादी से लेकर देश के पहले ट्रेन हाईजेक करने वाले खूंखार अपराधी उपेन्द्र सिंह उर्फ कबरा के अलावा गैंगस्टर तपन सरकार अपने १३ साथियों के साथ जेल में निरुद्ध है।
बैरक में बंदियों पर गुर्गे रखते हैं नजर
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि जेल के अंदर बने बैरक में कैदियों और बंदियों पर नजर वहां रहने वाले प्रभावशाली व्यक्ति के गुर्गो रखते हैं। गृहमंत्री राम सेवक पैकरा ने बताया कि जेल का संचालन जेल अधिनियम के तहत किया जाता है। जेल में गड़बड़ी मिली है, उसकी जांच करवा रहा हूं, जो भी दोषी मिलेगा उस पर कार्रवाई होगी।
आरोपी की तलाश में दिल्ली गई पुलिस
तपन के तार केवल प्रदेश की राजधानी नहीं बल्कि दिल्ली से भी जुड़े है। सीएसपी श्यामसुंदर शर्मा के नेतृत्व में एक टीम दिल्ली गई हुई है। दो दिन से दिल्ली में गैंगस्टर के गुर्गो की तलाश में लगी है। पुलिस के मुताबिक अनिश गोपालन वर्तमान में दिल्ली में है।