गंगा सप्तमी के दिन कम से कम तीन डुबकी जरूर लगाएं आज के दिन घर के कोनों में गंगाजल छिड़के, इसे नकारात्मकता दूर होगी
नई दिल्ली। बैसाख मास की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी के नाम से जाना जाता है। इसी दिन मां गंगा की उत्पत्ति हुई थी। इस बार ये पर्व 11 मई यानि आज मनाया जा रहा है। गंगा सप्तमी के दिन पवित्र नदी गंगा में डुबकी लगाने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही कुछ अन्य उपाय करने से व्यक्ति की किस्मत पलट सकती है।
1.यूं तो गंगा में डुबकी लगाना शुभ माना जाता है, लेकिन शास्त्रों के अनुसार इसके कुछ नियम है। एक व्यक्ति डुबकी महज 3,5,7 या 12 ही लगानी चाहिए।
2.जो लोग तीन डुबकी लगाते हैं, उन्हें एक डुबकी लगाते समय देवी-देवताओं का ध्यान करना चाहिए। वहीं दूसरी डुबकी में अपने पूर्वजों को नाम लेना चाहिए। जबकि तीसरी डुबकी लगाते समय अपने परिवार वालों के नाम लेने चाहिए। ऐसा करने से आपको पुण्य की प्राप्ति होने के साथ आपके घरवालों को भी लाभ होगा।
3.गंगा सप्तमी के दिन डुबकी लगाने से साल भर का पुण्य प्राप्त होता है। इसलिए आज के दिन गंगा स्त्रोत का पाठ करने से व्यक्ति को जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होगी।
4.गंगा सप्तमी के दिन गंगा में डुबकी लगाने से पहले नदी में खड़े होकर सूर्य भगवान को अघ्र्य देने से लाभ होगा। इससे आपकी किस्मत तेज होगी। इससे आपको समाज में मान-सम्मान मिलेगा।
5.जो लोग आज के दिन गंगा नदी में स्नान करने नहीं जा सकते हैं वो घर पर भी इसका लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए बाल्टी में दो ढक्कन गंगाजल मिलाएं, इसके बाद नॉर्मल पानी डालें। ऐसा करने से पूरा जल पवित्र हो जाएगा। याद रहे कि गंगाजल डालने के बाद ही दूसरा पानी मिलाएं।
6.अगर व्यापार में तरक्की नहीं हो रही है तो गंगा सप्तमी के दिन गंगाजल एक कलश में भर लें। अब हनुमान जी का कोई भी सिद्ध मंत्र 108 बार पढ़ें। इसके बाद जल में फूंक मारें। अब इस गंगाजल को अपनी दुकान में छिड़क दें। इससे बिजनेस चलने लगेगा।
7.अगर आपके घर में नकारात्मकता का वास है तो इसे दूर करने के लिए गंगा सप्तमी के दिन घर के कोनों में गंगाजल छिड़कें। इससे घर में खुशहाली आएगी।
8.आज के दिन गंगाजल से आचमन करने और पूर्वजें का ध्यान करने से पितृ दोष से भी छुटकारा मिलता है।
9.जो लोग परेशानियों से घिरे रहते हैं उन्हें गंगाजल में काले तिल डालकर पीपल के पेड़ पर चढ़ाना चाहिए। इससे मुसीबतों से छुटकारा मिलेगा।
10.अगर आपके यहां कोई बीमार है तो गंगा सप्तमी के दिन गंगाजल को मंत्रों से सिद्ध कर लें। अब रोजाना इस जल को रोगी को पिलाएं। इससे वो जल्द ही स्वस्थ हो