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शारदीय नवरात्रि 2018 : नवरात्रि पर बोए गए जौ बदले अपना रंग तो समझें देवी दे रही हैं ये संकेत

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के समय बोए गए जौ को अष्टमी व नवमी के दिन विसर्जित करना चाहिए

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Oct 11, 2018
शारदीय नवरात्रि 2018 : नवरात्रि पर बोए गए जौ बदले अपना रंग तो समझें देवी दे रही हैं ये संकेत

नई दिल्ली। नवरात्र शुरू होते ही पहले दिन लोग कलश स्थापित करते समय मिट्टी में जौ भी बोते हैं। ये समृद्धता का प्रतीक माने जाते हैं। मगर क्या आपको पता है इन ज्वारों का रंग आपके भविष्य की ओर इशारा करते हैं। तो क्या हैं इसके संकेत आइए जानते हैं।

1.नवरात्रि पर बोए गए जौ जिस तरह हरियाली लाते हैं, वहीं इनका रंग आपके जीवन में होने वाली चीजों का संकेत देते हैं। अगर जौ का रंग नीचे से आधा पीला और ऊपर से आधा हरा है तो यह इस बात का संकेत है कि आने वाले साल का आधा समय तो आपके लिए अच्छा रहेगा। जबकि बाकी बचे हुए वर्ष में आपको थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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2.अगर नवरात्रि में बोए गए जौ सफेद या हरे रंग के उगते हैं तो इसे एक अच्छा संकेत माना जाता है। कहते हैं कि इससे देवी मां की आप पर कृपा होगी और आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी होंगी।

3.अगर जौ ज्यादा मात्रा में निकले और वो एकदम हरे हो तो इसे शुभ माना जाता है। ये समृद्धता का प्रतीक माने जाते हैं। कहते हैं कि ऐसा होने पर व्यक्ति को धन प्राप्त होता है। साथ ही घर में खुशहाली आती है।

4.यदि नवरात्रि पर बोई गई जौ निकलने के बाद झड़ गई हो या पीली होकर गिर रही हो तो इसे अशुभ संकेत माना जाता है। कहते हैं कि इससे व्यक्ति के जीवन में परेशानियां आ सकती हैं। उन्हें धन हानि से लेकर दूसरी कई मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है।

5.मान्यताओं के अनुसार अगर बोई गई जौ में अंकुर जल्दी फूटते हैं और ये काफी बड़े हो जाते हैं तो ये इस बात का संकेत है कि जल्द ही आपके जीवन में कुछ अच्छा होने वाला है और आपको आपकी उम्मीद से ज्यादा लाभ होगा।

6.जिन लोगों के यहां जौ में अंकुर देर से फूटते हैं और ये ज्यादा बढ़ नहीं पाते हैं तो माना जाता है कि व्यक्ति की जिंदगी उतार—चढ़ाव से भरी रहेगी। उन्हें सफलता पाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी।

7.अगर जौ का रंग नीचे से पीला अौर ऊपर से हरा हो तो इसका मतलब होता है कि आपका आने वाला वर्ष मिलाजुला रहेगा। आपको सफलता और असफलताएं दोनों ही मिलेंगी।

8.जौ बोने को कई लोग खेत्री भी कहते हैं। नवरात्रि पर बोए गए जौ को जितनी शुद्धता के साथ लगाया जाता है, इसे सही जगह रखने के भी कुछ नियम हैं। इसके तहत खेत्री को अष्टमी व नवमी के दिन विसर्जित किया जाता है।

9.चूंकि जौ देवी अन्नपूर्णा मां का प्रतीक है, इसलिए इन्हें किसी मंदिर में अथवा पीपल व बरगद के पेड़ के नीचे रखना शुभ माना जाता है। कहते हैं कि इससे देवी मां पर आप पर कृपा बनी रहती है।

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Published on:
11 Oct 2018 09:31 am
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