रागी के आटे में कैल्शियम और प्रोटीन समेत कई पौष्टिक तत्व होते हैं जो शरीर को सेहतमंद बनाते हैं
नई दिल्ली। गोरी रंगत हर किसी को अच्छी लगती है। तभी तो लोग मंहगे से मंहगा क्रीम, पाउडर आदि का इस्तेमाल करते हैं। मगर नेचुरल तरीके से रंगत को निखारने के लिए किसी कीमती प्रोडक्ट की नहीं बल्कि मडुआ के आटे की जरूरत है। इसे रागी का आटा भी कहते हैं।
1.रागी के आटे में कैल्शियम, प्रोटीन, ट्रिपटोफैन, आयरन, मिथियोनिन, रेशे, लेशिथिन जैसे पौष्टिक तत्व पाएं जाते हैं। जो त्वचा को पोषण देने में मदद करते हैं।
2.रागी के आटे में एंटी एजिंग तत्व होते हैं। इसे खाने से स्किन हमेशा चमकदार बनी रहती है। वहीं इसे गुलाब जल में मिलाकर इसका फेस पैक लगाने से स्किन हाइड्रेटेड रहती है।
3.ये त्वचा की रंगत को निखारने में भी मदद करता है। इसमें मौजूद एमिनो एसिड स्किन की टिशूज को हेल्दी रखते हैं, जिससे त्वचा में झुर्रियां नहीं पड़ती है। साथ ही इसमें पाई जाने वाली ब्लीचिंग प्रॉपर्टीज त्वचा की रंगत को निखारने में मदद करते हैं।
4.अगर आधे कप रागी के आटे को आधा कप ओट्स और दूध के साथ मिलाकर चेहरे एवं हाथ-पैर पर लगाएं। इसे 20 मिनट के लिए रहने दें, इसके बाद हाथों से हल्के मसाज के साथ छुड़ाएं। ये प्रक्रिया सप्ताह में दो बार करने से रंग गोरा हो जाएगा।
5.मडुआ के आटे में विटामिन डी भी पाया जाता है। इसलिए ये त्वचा के लिए बहुत उपयोगी है। इसे त्वचा पर लगाने से काले धब्बे, झाइयां और मुंहासों की समस्या दूर हो जाती है।
6.मडुआ का आटा सिर्फ त्वचा के लिए नहीं बल्कि शरीर के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि ये आयरन का मुख्य स्त्रोत होता है। अगर रागी को अंकुरित करके खाया जाए तो खून में मौजूद हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ जाएगी।
7.ये मेटाबॉलिज्म को तेज कर खाने को जल्दी पचाने में मदद करता है। इससे डाइजेशन सिस्टम ठीक रहता है। ये पेट में चर्बी जमने नहीं देता है।
8.रागी के आटे का प्रयोग माइग्रेन से छुटकारा दिलाता है। इसमें मौजूद एमिनो एसिड, एंटीऑक्सीडेंट्स स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है।
9.मडुआ के आटे में प्रचुर मात्रा में विटामिन्स और न्यूट्रीशन्स पाए जाते हैं, ये प्रेगनेंट महिलाओं के लिए सबसे बेहतर है। क्योंकि ये ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने में मदद करता है। इसलिए गर्भावस्था में रोजाना इसकी दो रोटियां व अंकुरित रागी खाना चाहिए।
10.ये वजन को कंट्रोल करने में भी मदद करता है। क्योंकि ये खाने में बहुत लाइट होता है, जो कि आसानी से पच जाता है। ये भूख को भी नियंत्रित रखता है, जिससे वजन नहीं बढ़ पाता है।