शास्त्रों में भी इस मंत्र का उल्लेख है। यह मंत्र गणेश जी का प्रिय मंत्र भी है। बुधवार के दिन इसे पढ़ना ज्यादा फायदा दिलाता है।
नई दिल्ली। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है और सभी देवी-देवताओं में वे प्रथम पूजनीय माने जाते हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि प्रत्येक शुभ कार्य की शुरूआत से पहले जो भी व्यक्ति भगवान गणेश का स्मरण करता है उसे कभी भी निराश नहीं होना पड़ता उसका काम बिना किसी रूकावट के पूरा होता है। अगर आप भी निराश को समाप्त कर भगवान गणेश को प्रसन्न करना चाहते हैं तो गणेश जी का यह मंत्र आपकी परेशानी को कम कर सकता है।
1.कहा जाता है कि भगवान गणेश का स्मरण करने से घर की सभी बाधाओं का नाश होता है, रोग दूर होते हैं एवं दरिद्रता का अंत होता है।
2. बुधवार का दिन गणेश पूजा के लिए उपयोगी दिन माना जाता है इस दिन उनकी पूजा और उपासना करने से सुख और समृद्धि मिलती है।
3.गणेश जी की कृपा पाने के लिए इस दिन गणेश मंदिर में या फिर किसी ग़रीब व्यक्ति को मूंग दाल का दान करना चाहिए इससे आपको बुध ग्रह के दोष से भी छुटकारा मिलता है।
4.सुबह समय पूर्वक उठकर स्नान करने के बाद इस मंत्र को पढ़ें- वक्र तुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभनिर्विघ्नं कुरुमेदेव सर्वकार्येषु सर्वदा।
5.इस मंत्र को पढ़ने से गणेश जी आपसे निश्चित रूप से प्रसन्न होंगे और प्रत्येक कार्य में उनकी कृपा से सफलता मिलने लगेगी।
6.गणेश का यह मंत्र आपको पारिवारिक और सामाजिक जीवन में सफलता दिलाएगा साथ ही मन में आत्मविश्वास की वृद्धि होगी।
7.बुधवार को घर के मंदिर में साफ-सफाई के बाद गणेश जी की सफेद रंग की प्रतिमा स्थापित करने से आपको ज़रूर फायदा मिलता है।
8.सफेद रंग की गणेश जी की तस्वीर घर में रखने के आपको हर प्रकार की तंत्र शक्तियों को खत्म करने में सहायता मिलती है साथ ही धन संबंधी लाभ भी मिलता है।
9.घर के मुख्य दरवाज़े पर गणेश जी की तस्वीर लगाना बहुत लाभकारी माना जाता है कहा जाता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है।
10.प्रत्येक बुधवार को गणेश जी की सफेद रंग की तस्वीर पर दुर्वा अर्पण करें, घी का दीपक जलाएं और गुड़ का भोग लगाएँ आपको जीवन में कभी भी पैसों की तंगी से परेशान नहीं रहना पड़ेगा।