नवरात्र का पहला दिन बुधवार को होने से ये चित्रा नक्षत्र में पड़ रहा है, इसके अलावा ये योग भी बन रहे हैं
नई दिल्ली। शारदीय नवरात्र 10 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं, जो कि 19 अक्टूबर तक चलेंगे। इस बार नवरात्र बहुत खास है क्योंकि इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस साल नवरात्र चित्रा नक्षत्र में पड़ रही है, जिसके चलते लोगों को काम में तरक्की मिलेगी।
1.नवरात्र का पहला दिन बुधवार होने की वजह से ये चित्रा नक्षत्र का शुभ योग है। वही इस दिन वैधति योग भी बन रहा है। जिसके चलते इस दिन नए व्यापार व कार्य की शुरुआत करने पर लोगों को कामयाबी मिलेगी।
2.पंडित कृष्णकांत शर्मा के मुताबिक इस बार नवरात्र 8 दिनों के होंगे, जिनमें 5 बार रवि और एक बार सर्वाथसिद्धि योग बन रहा है। ऐसे में इस नवरात्र देवी मां का ध्यान एवं निष्ठा से पूजन करने पर व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पूरी होंगी।
3.इस बार नवरात्र में द्वितीया तिथि नहीं पड़ रही है जिसके चलते व्रत आठ दिनों के लिए रखे जाएंगे। लिहाजा महाअष्टमी का व्रत 17 अक्टूबर को और महानवमी का 18 अक्टूबर को रखे जाएंगे।
4.इस बार दशमी तिथि महानवमी के दिन ही दोपहर को 3.42 बजे के बाद से लग जाएगा। इसलिए ये समय नया मकान, दुकान एवं अन्य प्रॉपर्टी खरीदने के लिए सबसे बेहतर है।
5.दशमी के दिन रवि योग बन रहा है, लिहाजा ये मान-सम्मान दिलाएगा और सुख-सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इस दौरान सोने-चांदी की खरीदारी एवं नया वाहन लेने के लिए सबसे उपयुक्त समय है।
6.वहीं इस बार नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापित करने के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा है। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक कलश की स्थापना प्रतिपदा के दिन सुबह 6:22 मिनट से 7:25 मिनट तक करना सही होगा।
7.इस बार प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 9 अक्टूबर को 9:16 मिनट से शुरू हो रही है। जो कि
10 अक्टूबर को 7:25 बजे तक रहेगा। इसी दिन रवि योग भी बन रहा है। लिहाजा कलश की स्थापना कर देवी का ध्यान करने से घर में कभी रुपयों की कमी नहीं रहेगी।
8.अगर आप सुबह के समय कलश की स्थापना नहीं कर पाए हैं तो आप सुबह 11:36 बजे से लेकर दोपहर के 12:24 बजे तक भी कलश की स्थापना कर सकते हैं, ये अभिजीत मुहूर्त है।
9.वैसे तो नवरात्र में प्रतिपदा 9 अक्टूबर से ही शुरू हो रहे हैं, लेकिन उस दिन अमावस्या होने के चलते कलश स्थापित नहीं किया जाएगा। लिहाजा नवरात्र का पहला दिन 10 अक्टूबर को ही माना जाएगा।