दस का दम

10 साल में स्पोर्ट्स का मैदान छोड़ राजनीति में शामिल हुए ये 10 खिलाड़ी

पिछले 10 सालों में राजनीति में शामिल हुए ये 10 खिलाड़ी अपने असल प्रोफेशन को छोड़ थामा राजनीति का हाथ अलग-अलग पार्टियों में शामिल हुए हैं ये खिलाड़ी
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rajyawardhan singh
10 साल में स्पोर्ट्स का मैदान छोड़ राजनीति में शामिल हुए ये 10 खिलाड़ी

नई दिल्ली: एक दौर था जब सिर्फ फिल्म स्टार ही राजनीति में शामिल हुआ करते थे लेकिन पिछले 10 सालों में ऐसा नहीं रह गया है बल्कि अब स्पोर्ट्स जगत की जानी मानी हस्तियों ने राजनीति का दामन थामना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में खिलाड़ियों की फेहरिस्त काफी लम्बी है जिनके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं।

एस.श्रीसंथ : आईपीएल में मैच फिक्सिंग के आरोप झेल चुके एस श्रीसंथ ने कुछ दिनों पहले भाजपा की सदस्यता ली थी और केरल के तिरुअनंतपुरम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते हुए हार गए थे। आपको बता दें कि श्रीसंथ के हाथ से क्रिकेट तो निकला ही लेकिन राजनीति में भी वो कुछ ख़ास कमाल नहीं कर पाए थे।

मोहम्मद अजहरुद्दीन : मोहम्मद अजहरुद्दीन को भारतीय क्रिकेट टीम के एक सफल बैट्समैन के तौर पर देखा जाता रहा है । लोग उन्हें प्यार से अजहर भी बुलाते हैं। आपको बता दें कि अजहर ने साल 2009 में कांग्रेस का हाथ थाम लिया था और मोरादाबाद से सांसद भी चुने गए, इस दौरान अजहर ने कई सारे विकास कार्य भी किए लेकिन साल 2014 में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था।

राज्यवर्धन सिंह राठौर : साल 2004 में एथेंस में हुए समर ओलंपिक्स में देश का नाम रोशन करने वाले कर्नल राठौर ( Rajyavardhan Singh Rathore ) ने साल 2013 में वीआरएस लेने के बाद भाजपा को जॉइन कर लिया।

सचिन तेंदुलकर : क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले Sachin Tendulkar साल 2013 से राज्यसभा के सांसद हैं। सचिन ने खुद को सक्रिय राजनीति से दूर रखा हुआ है इसके बावजूद वो लोगों की भलाई के लिए काम करते रहते हैं। साल 2014 में कांग्रेस ने उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था लेकिन सचिन ने इसके लिए मना कर दिया। राज्यसभा में सचिन तेंदुलकर का अटेंडेंस भी काफी कम रहा है जिसकी वजह से उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा था।

मोहम्मद कैफ : टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी मोहम्मद कैफ को भी राजनीति ज्यादा रास नहीं आई। क्रिकेट में भी उन्हें ख़ास पहचान नहीं मिल पायी थी और जब पिछले लोकसभा चुनाव में मोहम्मद कैफ कांग्रेस के टिकट से उत्तर प्रदेश की फूलपुर सीट से चुनाव लड़ रहे थे तब भी उन्हें यहां पर हार का सामना करना पड़ा था।

विनोद कांबली : भारत के पूर्व खिलाड़ी और तेंदुलकर के दोस्त विनोद कांबली ने भी क्रिकेट के बाद राजनीति में हाथ आजमाने का पूरा प्रयास किया लेकिन यहां पर भी उनके हाथ असफलता ही लगी। कांबली ने 2009 में लोक भारती पार्टी की तरफ से महाराष्ट्र का विधानसभा चुनाव लड़ा था और इसमें वो बुरी तरह से हारे थे।

कृष्णा पूनिया : डिस्कस थ्रो में गोल्ड मेडलिस्ट कृष्णा पूनिया राजस्थान की सादुलपुर सीट से कांग्रेस की विधायक हैं। उन्होंने भी खेलों के बाद राजनीति का हाथ थाम लिया था।

बाइचुंग भूटिया : बाइचुंग भूटिया भारतीय फुटबॉलर हैं। सिक्किम के रहने वाले भूटिया एक स्ट्राइकर के तौर पर भारतीय टीम में शामिल हैं। भूटिया की शूटिंग स्किल्स शानदार हैं। तीन बार इंडियन प्लेअर रह चुके आई एम विजयन भुटिया को भारतीय फुटबॉल के लिए भगवान कहते हैं। आपको बता दें कि भूटिया पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से दो बार चुनाव भी लड़ चुके हैं।

गौतम गंभीर : भारतीय टीम के क्रिकेटर रह चुके गौतम गंभीर ने भी हाल ही में भाजपा जॉइन कर ली है, आपको बता दें कि गौतम गंभीर देश के खिलाफ बोलने वाले लोगों को सोशल मीडिया पर जमकर फटकार लगाते हैं और शायद यही बात भाजपा को पसंद आ गयी।

सुशील कुमार : पहलवान सुशील कुमार ने कांग्रेस पार्टी का हाथ थाम लिया है और अब वो पश्चिमी दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।

Updated on:
21 Apr 2019 08:27 am
Published on:
21 Apr 2019 08:04 am