
Bihar Board Exam 2025: बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट और मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2025 को कदाचारमुक्त कराने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा उड़नदस्ता पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। सभी जिलों के लिए पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। ये पदाधिकारी डायट, बाइट, पीटीईसी और सीटीई जैसे शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों के लेक्चरार हैं। उनकी मुख्य भूमिका परीक्षा में अनुशासन बनाए रखना, प्रश्न-पत्रों के हॉल से निकलने पर निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों पर ध्यान देना, और परीक्षा के दौरान किसी समस्या का समाधान करना होगा।
हर जिले में एक उड़नदस्ता पदाधिकारी की तैनाती की गई है। कुल 38 पदाधिकारियों को परीक्षा में अनुचित गतिविधियों को रोकने की जिम्मेवारी दी गई है। इन पदाधिकारियों को 30 जनवरी तक अपने आवंटित जिलों में पहुंचने का निर्देश दिया गया है।
पदाधिकारियों को परीक्षा समाप्त होने तक अपने आवंटित जिलों के मुख्यालय में रहकर पूरे परीक्षा कार्य की निगरानी करनी होगी। उन्हें दैनिक रिपोर्ट मुख्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों को देनी होगी। प्रश्न-पत्र लीक ना होने देना और हॉल से प्रश्न-पत्र निकलते हुए निगरानी रखना उनकी जिम्मेवारी होगी। साथ ही, परीक्षा केंद्रों पर पुलिस और दंडाधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित करना भी उनकी जिम्मेदारी होगी। किसी भी परीक्षा केंद्र पर यदि कोई समस्या आती है, तो उसका समाधान करना भी इनकी जिम्मेवारी होगी।
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बिहार बोर्ड के अनुसार, इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2025 में कुल 12,89,601 विद्यार्थी शामिल होंगे, जबकि मैट्रिक परीक्षा में 15,81,079 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। इंटरमीडिएट की परीक्षा 1 से 15 फरवरी तक चलेगी, वहीं मैट्रिक परीक्षा का आयोजन 17 से 25 फरवरी तक किया जाएगा।
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