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शिक्षा मंत्री ने लांच किया सीबीएसई असेसमेंट फ्रेमवर्क, पढ़ें पूरी डिटेल

CBSE Assessment Framework: केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने सीबीएसई के असेसमेंट फ्रेमवर्क को लॉन्च किया है। शिक्षा मंत्री ने असेसमेंट फ्रेमवर्क का शुभारंभ आज शाम 5 बजे से किया है।

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Mar 24, 2021

CBSE Assessment Framework: केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने सीबीएसई के असेसमेंट फ्रेमवर्क को लॉन्च किया है। शिक्षा मंत्री ने असेसमेंट फ्रेमवर्क का शुभारंभ आज शाम 5 बजे से किया है। शिक्षा मंत्री ने अपने ऑफिशियल ट्वीटर अकाउंट से इसकी पहले ही जानकारी दे दी थी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि यह फ्रेमवर्क CBSE और ब्रिटिश काउंसिल की योग्यता पर आधारित शिक्षा परियोजना का ही एक हिस्सा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा शुरू की गई इस मूल्यांकन रूपरेखा का उद्देश्य विज्ञान, गणित और अंग्रेजी के स्तर में सुधार करना है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस परियोजना से सीबीएसई के ढाई करोड़ विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। वर्तमान में सीबीएसई बोर्ड के 28 देशों में स्कूल हैं। इस परियोजना में विद्यार्थियों को कक्षा 6 से ही व्यावसायिक पाठ्यक्रम जोड़ा जाएगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में सुझाए गए परिवर्तनों के शिक्षण और कार्यान्वयन की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए सुझाए गए मूल्यांकन ढांचे को रखा गया है। पहले चरण में भारत के सभी केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, यूटी चंडीगढ़ और देश भर के 25,000 निजी स्कूल 2024 तक सीबीएसई स्कूलों में प्रवेश कर जाएंगे।

लॉन्च के दौरान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा: “एनईपी का मुख्य उद्देश्य एक शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन का मार्गदर्शन करना है जो हमारे युवाओं को बेहतर भविष्य बनाने में सक्षम बनाता है। हमारे युवाओं को आकार देने में स्कूलों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा, "सीबीएसई और ब्रिटिश काउंसिल की टीमों को इस दिशा में काम करने के लिए मेरी हार्दिक बधाई।"

नए योग्यता-आधारित मूल्यांकन ढांचे का उद्देश्य बेहतर शिक्षार्थी परिणामों के लिए अंतर्राष्ट्रीयकृत, उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा को सक्षम बनाना है, और शिक्षकों को स्कूल मूल्यांकन में उच्च गुणवत्ता बनाने में सहायता करेगा।

सीबीएसई अध्यक्ष श्री मनोज आहूजा ने मूल्यांकन ढांचे के शुभारंभ पर कहा: “नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारत में शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव की परिकल्पना करती है। यह 21 वीं सदी के लिए छात्रों को तैयार करने का लक्ष्य रखता है और एक शिक्षा के बजाय योग्यता आधारित शिक्षा पर जोर देता है। CBSE का ब्रिटिश काउंसिल और ब्रिटेन की तीन एजेंसियों, कैम्ब्रिज, NARIC और अल्फाप्लस के साथ सहयोग रहा है जो इस उद्देश्य को प्राप्त करने में CBSE की मदद कर रहे हैं।

सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा का आयोजन 4 मई से 7 जून, 2021 तक किया जाएगा। 12वीं बोर्ड की परीक्षा 4 मई से शुरू होगी और 14 जून, 2021 को समाप्त हो जाएगी। यह असेसमेंट फ्रेमवर्क NCERT और CBSE के सिलेबस पर आधारित होगा। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य विद्यार्थियों के अंदर क्रिएटिव थिंकिंग, इफेक्टिव कम्युनिकेशन, इंटरपर्सनल रिलेशनशिप, कोपिंग विथ स्ट्रेस, क्रिटिकल थिंकिंग, प्रॉब्लम सॉल्विंग, सेल्फ अवेयरनेस, एम्पैथी, डिसीजन मेकिंग, और कोपिंग विथ इमोशंस जैसे 10 लाइफ स्किल्स का विकास करना है।


देश में जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा होनी चाहिए। स्कूली शिक्षा से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को पढ़ाने वाला दुनिया का पहला देश बना भारत। नया फ्रेमवर्क विद्यार्थियों को व्यावसायिक को उनकी पेन और पेपर मोड परीक्षाओं के दौरान मदद करेगा। ब्रिटिश काउंसिल के साथ सीबीएसई की यह योग्यता आधारित शिक्षा परियोजना छात्रों के कौशल और व्यावहारिक ज्ञान को विकसित करने पर केंद्रित है।

Published on:
24 Mar 2021 05:41 pm
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