द्रास विश्व के सबसे ठंडे बसे हुए स्थानों में शामिल है। कड़ाके की सर्दियों के दौरान यहां का तापमान शून्य से काफी नीचे चला जाता है और कई बार यह –45 डिग्री सेल्सियस से –60 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है।
India Coldest Place Dras: भारत में जब भी अत्यधिक ठंडे स्थानों की चर्चा होती है, तो द्रास का नाम सबसे पहले लिया जाता है। द्रास, देश के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के कारगिल जिला में स्थित एक छोटा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण कस्बा है। यह समुद्र तल से लगभग 3,300 मीटर की ऊंचाई पर बसा हुआ है, जिस कारण यहां का मौसम साल भर बेहद ठंडा रहता है। द्रास को भारत की इंसानी बस्ती वाली सबसे ठंडी जगह माना जाता है। द्रास को “लद्दाख का प्रवेश द्वार” भी कहा जाता है। इसका मुख्य कारण यह है कि यह प्रसिद्ध 'जोजी ला दर्रा' के पास स्थित है। यही दर्रा कश्मीर घाटी को लद्दाख क्षेत्र से जोड़ता है। सर्दियों के मौसम में जब भारी बर्फबारी होती है, तब यह इलाका कई बार देश के अन्य हिस्सों से कट जाता है, जिससे यहां के लोगों का जीवन और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
द्रास विश्व के सबसे ठंडे बसे हुए स्थानों में शामिल है। कड़ाके की सर्दियों के दौरान यहां का तापमान शून्य से काफी नीचे चला जाता है और कई बार यह –45 डिग्री सेल्सियस से –60 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। इतनी अधिक ठंड के बावजूद यहां हजारों लोग पीढ़ियों से रह रहे हैं। द्रास को 'भारत का शीत मरुस्थल' भी कहा जाता है।
द्रास की भौगोलिक परिस्थितियां कठोर हैं। लंबी सर्दियां, कम वर्षा और सीमित कृषि संसाधन। इसके बावजूद करीब 22,000 की आबादी यहां रहते हैं। स्थानीय लोग मुख्य रूप से पशुपालन, सीमित खेती और पर्यटन से जुड़े कार्यों पर निर्भर हैं। सर्दियों में पूरा इलाका बर्फ की मोटी चादर से ढक जाता है, जो इसे बेहद खूबसूरत लेकिन उतना ही कठिन बना देता है। दुनिया में इंसानी बस्ती वाली सबसे ठंडी जगह रूस के साइबेरिया में स्थित 'ओयम्याकोन' मानी जाती है, जबकि द्रास को दूसरा स्थान प्राप्त है।