
IAS Training: सिविल सेवा की राह इतनी आसान नहीं होती। सबसे पहले यूपीएससी सीएसई की परीक्षा पास करनी होती है। कहते हैं ये देश और दुनिया की कठिन परीक्षाओं में से एक है। इसके बाद ट्रेनिंग में भी अव्वल आना होता है। दो साल की ट्रेनिंग के बाद अफसरों को उनकी फील्ड पोस्टिंग मिलती है। इन दो सालों में अनुशासन, कठिन हालात से लड़ने का तौर-तरीका आदि कई चीजें सीखाई जाती है।आइए, जानते हैं कि आईएएस को ट्रेनिंग (IAS Training) में क्या-क्या सिखाया जाता है।
ट्रेनिंग का पाठ्यक्रम विशेष रूप से विभिन्न विषयों पर आधारित होता है, जिसमें भारतीय संविधान, राजनीति, इतिहास, भूगोल, आर्थिक विकास, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, भारतीय अर्थव्यवस्था, लोक प्रशासन, सार्वजनिक नीतियों, वित्तीय प्रबंधन आदि शामिल होते हैं। इन सब विषयों को अधिकारियों को इस तरह पढ़ाया जाता है कि वे इसे अपने काम में इस्तेमाल कर सकें। ट्रेनिंग के दौरान अधिकारियों को अनुशासन और कठिन हालात से लड़ने के तौर-तरीके भी सिखाए जाते हैं। यही नहीं अधिकारियों की ट्रेनिंग में बॉन्डिंग, बूट कैंप, साक्षात्कार, केस स्टडी, प्रोजेक्ट वर्क, ग्रुप डिस्कशन, और परिचर्चा आदि भी शामिल होते हैं।
ट्रेनिंग के दौरान सभी अधिकारियों को एक समान सैलरी दी जाती है। ट्रेनी अधिकारियों को 50-70 हजार रुपये प्रति महीने इन हैंड दिए जाते हैं। ट्रेनिंग के लोकेशन के हिसाब से सैलरी में कोई बदलाव नहीं होते हैं। हालांकि, इस ट्रेनिंग के दौरान अलग-अलग फेज होते हैं जिस हिसाब से सैलरी घटती या बढ़ती है।