बीसीआई के अनुसार, पहले 'लीगल एजुकेशन रूल्स, 1989' के तहत दिल्ली और कुछ अन्य राज्यों में कुछ विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को ईवनिंग एलएलबी कोर्स चलाने की अनुमति थी, बशर्ते वे तब के मानकों का पालन करें।
LLB Course: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2000-2001 से ईवनिंग, पार्ट-टाइम, नाइट स्कूल, वीकेंड, हॉलिडे, ऑनलाइन या डिस्टेंस मोड से हासिल एलएलबी डिग्री अधिवक्ता के रूप में नामांकन के लिए मान्य नहीं हैं। केंद्रीय विधि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
बीसीआई के अनुसार, पहले 'लीगल एजुकेशन रूल्स, 1989' के तहत दिल्ली और कुछ अन्य राज्यों में कुछ विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को ईवनिंग एलएलबी कोर्स चलाने की अनुमति थी, बशर्ते वे तब के मानकों का पालन करें। लेकिन 'लीगल एजुकेशन रूल्स, 1999' के तहत 2000-2001 सत्र से सभी राज्यों में ईवनिंग एलएलबी कोर्स की मान्यता समाप्त कर दी गई। यह स्थिति वर्तमान 'लीगल एजुकेशन रूल्स, 2008' में भी बरकरार है, जिसमें एलएलबी को नियमित, फुलटाइम प्रोफेशनल कोर्स माना गया है। इसमें रोजाना और साप्ताहिक कक्षाएं, न्यूनतम उपस्थिति और सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक की शिक्षण विंडो अनिवार्य है। इसलिए, 2000-2001 के बाद ऐसे किसी भी मोड की डिग्री वाले उम्मीदवार अधिवक्ता के रूप में नामांकन नहीं करा सकते।
हालांकि, 1999-2000 शैक्षणिक वर्ष या उससे पहले ईवनिंग क्लास से एलएलबी पूरी करने वाले अभी भी नामांकन के हकदार हैं। बीसीआई ने विभिन्न नियमों और सर्कुलर के माध्यम से इस स्थिति को बार-बार दोहराया है। कोई राज्य स्तर पर छूट नहीं है।