आपको बता दें कि साल 2018 से हर साल परीक्षा से पहले ‘परीक्षा पे चर्चा’ का आयोजन होता है। इस मंच पर प्रधानमंत्री छात्रों से परीक्षा के तनाव, आत्मविश्वास और भविष्य की तैयारी जैसे विषयों पर बातचीत करते हैं।
Pariksha Pe Charcha 2026 का दूसरा एपिसोड इस बार कुछ अलग ही अंदाज में नजर आया। माहौल हल्का-फुल्का था, लेकिन बातें बेहद गंभीर और काम की। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देश के अलग-अलग शहरों के बच्चों से सीधे संवाद किया। कोयंबटूर, रायपुर, गुजरात के देव मोगरा, गुवाहाटी और दिल्ली से जुड़े छात्रों ने खुलकर सवाल पूछे। बच्चे उत्साहित थे, चेहरों पर जिज्ञासा साफ दिख रही थी। मंच पर औपचारिकता कम और बातचीत ज्यादा नजर आई।
Pariksha Pe Charcha 2026 के दौरान ही एक छात्र ने सीधा सवाल पीएम से पूछा कि सर, अच्छा लीडर कैसे बन सकते हैं? इस सवाल का प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि लीडर बनने का मतलब सिर्फ चुनाव लड़ना या राजनीति में जाना नहीं होता। असली नेतृत्व तो रोजमर्रा की जिंदगी से शुरू होता है।उन्होंने समझाया कि अगर आप कम से कम 10 लोगों को अपनी बात सही ढंग से समझा सकते हैं, तो वही असली लीडरशिप है। लेकिन उससे पहले जरूरी है कि आप उन 10 लोगों को समझें। उनकी सोच, उनकी परेशानी, उनकी भावनाएं। उनका कहना था कि पहले सुनो, फिर समझो, उसके बाद बोलो। जो दूसरों को समझ सकता है, वही उन्हें दिशा दे सकता है।
आपको बता दें कि साल 2018 से हर साल परीक्षा से पहले ‘परीक्षा पे चर्चा’ का आयोजन होता है। इस मंच पर प्रधानमंत्री छात्रों से परीक्षा के तनाव, आत्मविश्वास और भविष्य की तैयारी जैसे विषयों पर बातचीत करते हैं। इस बार कार्यक्रम में नए शहर भी जुड़े। परीक्षा पे चर्चा के कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने छात्रों को आने वाली परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दी। साथ ही, अपने अंदाज में चाय का जिक्र भी किया। कभी खुद को ‘चाय वाला’ कहकर, तो कभी चाय बनाने की बात छेड़कर माहौल हल्का कर दिया।