भारतीय सेना की जड़ें ईस्ट इंडिया कंपनी के दौर तक जाती हैं। समय के साथ यह ब्रिटिश इंडियन आर्मी और रियासती सेनाओं के रूप में विकसित हुई। आजादी के बाद 1947 में इसे एक राष्ट्रीय सेना का स्वरूप मिला।
Indian Army Day 2026: भारतीय सेना को दुनिया की सबसे सशक्त सेनाओं में गिना जाता है। भारतीय सेना का डंका पूरे विश्व में बजता है। भारतीय सेना के हर जवान के लिए देश सर्वोपरि है। इसी साहस, समर्पण और बलिदान को सम्मान देने के लिए हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। इस दिन देशभर में सैन्य कार्यक्रम, परेड और सम्मान समारोह आयोजित होते हैं, जिनमें सेना की ताकत और परंपरा दोनों की झलक दिखाई देती है।
दरअसल, 15 जनवरी 1949 का दिन भारतीय सैन्य इतिहास में बेहद खास माना जाता है। इसी दिन जनरल केएम करियप्पा ने ब्रिटिश सेना के अंतिम कमांडर-इन-चीफ जनरल सर एफआरआर बुचर से भारतीय सेना की कमान संभाली थी। इसके साथ ही वे आजाद भारत के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने। बाद में उन्हें फील्ड मार्शल की उपाधि भी दी गई। यही वजह है कि यह दिन आत्मनिर्भर भारतीय सेना की पहचान का प्रतीक बन गया।
भारतीय सेना की बात करें तो ग्लोबल फायर पावर इंडेक्स में भारतीय सेना को चौथा स्थान मिला है। 145 देशों की लिस्ट में भारत टॉप-5 सैन्य शक्तियों में शामिल है। अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों के बाद भारत का नाम आना अपने आप में बड़ी बात है। संख्या के लिहाज से भारतीय सेना में 12 लाख से ज्यादा सक्रिय जवान हैं और उनके पास आधुनिक हथियारों व गोला-बारूद की मजबूत ताकत है।
भारतीय सेना की जड़ें ईस्ट इंडिया कंपनी के दौर तक जाती हैं। समय के साथ यह ब्रिटिश इंडियन आर्मी और रियासती सेनाओं के रूप में विकसित हुई। आजादी के बाद 1947 में इसे एक राष्ट्रीय सेना का स्वरूप मिला। तभी से भारतीय सेना ने हर चुनौती में देश के साथ खड़े रहकर अपनी ताकत साबित की है। चाहे युद्ध का मैदान हो या प्राकृतिक आपदा, सेना हर मोर्चे पर चट्टान की तरह डटी नजर आती है।
सेना दिवस के इस खास मौके पर शहीदों को याद किया जाता है, वीर जवानों को सम्मान दिया जाता है और देशवासियों को यह बताया जाता है कि सेना सीमाओं की सुरक्षा से आगे बढ़कर आपदा राहत, बचाव कार्य और मानवीय मदद में भी अहम भूमिका निभाती है। यह दिन याद दिलाता है कि भारतीय सेना हर साल नई योजनाओं और आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ रही है।